तेरे नज़दीक आते ही क्यूँ . मेरा दिल क्यू धड़कता है.. ?
नहीं कुछ वास्ता अगर है . क्यूँ दिल में तू धधकता है.?
वही मेरे भी दिल में है .कहीं जो तेरे दिल में है.
प्यार तेरे दिल में छुपा हुआ, क्यू मेरे दिल में छलकता है ।।
ईश्वर तो एक होता है. वही तुझ में झलकता है .
वही मुझ में तू बन कर धड़कता है ;
उसी की बात करता हूँ . तेरी जब बात करता हूं।।
नहीं औरों में मिलता वो. प्यार मुझे बस तुझ से ही मिलता है.
नहीं कुछ जो तुझ से कहू तो भरा हूं मैं महफ़िल से...,
यहां महफ़िल मे बस,तू ही अपना, बस अपना लगता है. ।।
अगर प्यार नहीं तो सच बता,
मेरी याद मे तेरे हाथ से ये प्याला क्यू छलकता है
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🌹
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