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  • कुछ दर्द ज़रूरी होते हैं

    आसार मेरे ये तो ज़माने के लिए हैं, कुछ अल्फ़ाज़ उन्हें सुनाने के लिए हैं।। पलकों में जो भर लोगे इन्हें, तो काँटों-से चुभने लगेंगे। कुछ ख़्वाब तो सिर्फ़ आँखों में सजाने के लिए होते हैं।। हर दुआ मुकम्मल हो जाए, ये ज़रूरी तो नहीं। कुछ इंतज़ार सिर्फ़ सब्र सिखाने के लिए होते हैं।। अब…

  • तुम भी छोड़ गये………. मेरे हालत देखकर

    तुम भी छोड़ गये………. अब किस किस बात पर करू यकीन, किस को कहूं की फिर से टूट गया, जो था मेरा अपना वो मुझसे छूट गया।। ना जाने क्यूं मेरे ही हिस्से मे ये आता, हर बार मैं ही खुद को अकेला हूं पाता।। तुम भी छोड़ गये…..  अब भी मैं कैसे खुद को…

  • मैं मेरी कलम और डायरी

    रात ढलते ही आज फिर से कलम उठा ली,  कुछ लिखने के लिए सिरहाने मे रखी डायरी उठा ली, किस पर लिखू आज ये सोच ही रहा था ?  ख्याल तो मन मे बहुत थे पर क्या लिखू बुझ नहीं रहा था। फिर अचानक अपनी डायरी-कलम को देखते ही, ख्याल एक आया साथी तुम अकेले…