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  • मैं मेरी कलम और डायरी

    रात ढलते ही आज फिर से कलम उठा ली,  कुछ लिखने के लिए सिरहाने मे रखी डायरी उठा ली, किस पर लिखू आज ये सोच ही रहा था ?  ख्याल तो मन मे बहुत थे पर क्या लिखू बुझ नहीं रहा था। फिर अचानक अपनी डायरी-कलम को देखते ही, ख्याल एक आया साथी तुम अकेले…