अच्छा हुआ जानी जो तू मेरा ना हुआ,
मिले जो उनसे हमको एक अरसा हो गया, एजी देखें उनको हमे जमाना बीत गया। फिर भी ओ जानी तू क्यों भुला नहीं जाता, जख्म दिया तेरा हर एक भुलाया नहीं जाता।। अब तो मेरे तू ख्यालों से तो जा, आंखे जब करू बंद जानी अब सामने ना आ।। अब और क्या दूं तुझे सब…
