अच्छा हुआ जानी जो तू मेरा ना हुआ,
मिले जो उनसे हमको एक अरसा हो गया,
मिले जो उनसे हमको एक अरसा हो गया,
याद है वो हमें कुछ इस तरह से अब तलक, उससे दूर होकर खुद को भूला बैठे हैं हम ।। निगाहों में नहीं वो अब दिल में कहीं बसता है, किस अजनबी को ये अपना बना बैठे हैं हम जिसे ये सोचकर चाहा कि खुशी मिलेगी हमें , उसके गम को अब सीने से लगा…
चाहत ना रख कोई बात नहीं, रिश्ता ना रख कोई बात नहीं. पर जो था पहले कभी हम दोनों मे जो, उन याद को कैसे भुलाउ ये बता तो सही. तुम तो चली गए एक पल मे सब छोड़ कर, मैं भी तेरी तरह बेग़ैरत कैसे बनूँ ये सीखा तो सही. चल मान लिया तू…
बिखरा सा हूँ अब बहुत, सायद अब समेटा ना जाऊँ. टूट गया हूं बहुत अब, शायद अब जोड़ा ना जाऊँ. गलने लगा हूं अब अंदर से, सायद ही फिर पनप पाऊँ. यारो तुम फिक्र ना करना अब, सायद ही अब शिकायत करने आऊँ. उजालों में अंधेरा सा लगता है अब,. शायद ही अंधेरों से निकल…
सीधा सा इंसान ना जाने क्यु प्यार किया मुझे उसने, खूबी ना हैसियत फिर भी सब वार दिया उसने. कभी सोचा नहीं थे वो सपने क्यु दिए मुझे, जो हो ना सकते थे पूरे वो वादे क्यु किए मुझे. कभी कोई आया ही नहीं था आप जैसा, अब यूँ बदल जाने पे जी सकू कैसे.?? …
कुछ अनकहीं बाते.. ना वो कलम लिख पाई.. ना वो लफ़्ज़ मिल पाए.. सुकून तेरी वो मुस्कान से ही मिलता है.. दर्द आज भी तुझसे दूर रहने मे उठता है.. पता है वो मेरे लिखे खत तुझे न ला सकेंगे पर यादो में तो तुझे ही बस तुझे ही बसा सके.. तेरी तसवीर ही है…
जब होती उनसे बात या कोई मुलाकात, दिल कहीं थम सा जाता है. होती है करनी बहुत बात, पर कहीं…… उनकी ही बातों पे ये दिल खो जाता है. छुप छुप के नजरे उनसे मिलती , उनके सामने होने के बाद भी । प्यार का इजहार करने को दिल करता तो बहुत लेकिन ये बहुत…