बड़ा प्यारा लगता ये सावन का मचलना।
ये फूलो की खुशबू , ये नदियों का चलना।
ये फूलो की खुशबू , ये नदियों का चलना।
कहना तो बहुत कुछ चाहता हु तुझसे, पर कह कहा पाता हूं। सच तो है जीना है तेरे बगैर, पर एक पल भी कहा रह पाता हूं। कोशिश हर बार होती है तुझे भुलाने की, पर एक पल भी कहा भूला पाता हूं। कहना तो बहुत कुछ चाहता हु तुझसे, पर कह कहा पाता हूं………………..।…
एक पल लगता सब सही हो गया, ना जाने दुजे पल सब फिर बदल जाता।। रुक रुक कर चलने की आदत भी हो गई, ना जाने फिर भी मन कंही क्यों लग नही पता।। बस अब लोग कहने लगे है मुझे मै बदल सा गया हुं, थोडा गुस्सैल और घमंडी ना बोलने वाला हो गया…
ये मेरी मुस्कान क्यू बढ़ती जा रही हैं। बिना मतलब के मेरी हंसी क्यों थम ना रही हैं।। हर बात ना जाने क्यो अब समझ से परे लगती, ये मेरी समझ क्यो दिन पर दिन मरती जा रही हैं।। ये मेरी बात खुद से अब बढ़ती जा रही है, ख्यालों की दुनियां भी विरान होती…
सुना तेरी खुशियो भरी जिंदगी मे अब कुछ और आ गया है. नाम मे लिख वफा तेरी लकीर मे हमे गैर बना गया है. मोहरा बना मुझे शतरंज का तेरी जिन्दगी से निकाल गया है. खुश है तू भी अब नये जिन्दगी मे बस मुझे रुला गया है. क्या कहु बस लफ्ज़ नहीं जब तू…
जाने वो कैसी होगी उस पार की दुनियां, सतरंगी होगी अतरंगी होगी या होगी वो भी चाह की दुनियां।। जिंदा होंगे वहां भी लोग या खुद मे मर चुके होंगे, यहां के जैसे ही या चाहत के भूखे हुंगे।। बदलते रहते होंगे लोगों के हालात देखकर, या वहां दिल से साथ चलते हूंगे।। सुना है…
मेरे रास्तो का रुख जो आज तेरी तरफ है, मेरे दिल की बैचैनी तबाह कर रहीं हैं मुझे. चाह कर भी मे तुम्हें समझा नहीं पाउंगा, मेरा जिक्र जो तुम्हें चुभता है आजकल…. मेरे कारण जो भी दिल को ठेस पहुंची है तुम्हारे, खुद को चाह कर भी माफ़ नहीं कर पाउंगा. दुआओं मे जो…