ये मुस्कान जो मेरी बढ़ते जा रही हैं, दर्द को ये और अंदर से नासूर सा बना रही।।
ये मेरी मुस्कान क्यू बढ़ती जा रही हैं।
ये मेरी मुस्कान क्यू बढ़ती जा रही हैं।
रात इरादा करके सोए, आज हम सो जायेंगे।। इन थकी आंखों को, आज सपने दिखाएंगे।। अब बहुत हुआ इन यादों मे रातों को जगना, आज तो हम सब भूल गहरी नींद सो जायेंगे।। अब ना इन यादों से, मन को अपने रुलायेंगे रात इरादा करके सोए, आज हम सो जायेंगे।। हुआ इरादा पक्का, मन भी…
ख़लिश दिल में दबी सी रह गई है। तेरे बिन इक कमी सी रह गई है। मिटाई याद तेरी ख़त […]
क्यु दर्द की बात करे, क्यु ज़ज्बात के घाव करे हरे. मिली थी जिन्दगी उसे मेरे आने से पहले. तो उसकी जिन्दगी भी क्यु बर्बाद करे?? हाँ एक पल नहीं हर पल के साथ की चाह थी, सुख और दुख मिलके बताने और बांटने की आश थी. नहीं हो सका अगर ये मुमकिन तो, क्यु…
तू वो सपना मेरा जिसकी चाहत मुझे हर नीद मे आती ।। तू वो ख्याल मेरा जिसकी याद हर ख्याल मे आती. वो मुस्कान तुम मेरी, जो हर ग़म भुला देती वो इबादत तू मेरी जो तुझमे रब से मिला देती. वो बारिश तू मेरी, हर आंसू को बहा देती. तुझ बिन जीना है ये…
मेरा मन ! ये मन ! क्यु सुनता नहीं मेरी. कहता हूं इसको खुश हो जा. पर सुनता ही नहीं ……………! करता ये वही जो करना है इसको बीच भँवर मे फसा देता जिन्दगी मेरी लड़ता हूं इससे, झगड़ता हूं इससे…. पर यारो ये मन फिर भी सुनता ही नहीं …. छोड़ूं इसको इसके हाल…
मिले जो उनसे हमको एक अरसा हो गया, एजी देखें उनको हमे जमाना बीत गया। फिर भी ओ जानी तू क्यों भुला नहीं जाता, जख्म दिया तेरा हर एक भुलाया नहीं जाता।। अब तो मेरे तू ख्यालों से तो जा, आंखे जब करू बंद जानी अब सामने ना आ।। अब और क्या दूं तुझे सब…