अब लिखने के लिए शब्द भी है
इस तरह टूटा हूं की अब लिखने के लिए शब्द भी नहीं,
इस तरह टूटा हूं की अब लिखने के लिए शब्द भी नहीं,
छोटे – छोटे लम्हे बड़ा ना सके हम, उन लम्हों को अपना बना ना सके हम। किसे कहे अपना तू साथी मेरा है, किसे कहे दोस्त तू यार मेरा है।। जैसे ही किसी को अपना समझते हम, उस पल से ही वो बदल जाते एकदम। मिले तो बहुत हमे अपना कहने वाले, पर किसी को…
ऐसी तकदीर लाऊं कहा से।। एक दोस्त सच्चा पाऊं कहा से।। पल पल मरते जा रहा हूं फिर भी तो मैं जिए जा रहा हूं।। गुस्ताख़ ये यकीं की ये सजा पाऊं कहा से।। लड़ तो जाऊं तूझसे ये मेरी किस्मत लिखने वाले, पर साथ मेरे जो पीछे खड़ा हो उस पल, साथ देने वाला…
यार मेरे यार काश तूने दगा दिया होता, काश तूने मुझे छोड़ दिया होता।। तोड़ा होता दिल मेरा बेदर्द की तरह, काश तूने रिश्ता खत्म कर दिया होता।। होता ना फिर दर्द ऐसा तेरे छोड़ जानें का, होता ना फिर ऐसा तेरे चले जाने का।। काश तू अपना बना बाते ना करता, काश तू मुझको…
गुम गए सब जिन्हें ढूंढ कर संभाला था, तिनका तिनका से बना आशियाना उजाड़ डाला। जितनी खुशी उस आशियाने के […]
तुम्हे मिली है जिंदगी सच दिखाने को , तो क्या तुम जूठ भी दिखाते हो।। मिली जिंदगी तुम्हें साथ निभाने को, क्या तुम साथ भी छोड़ चले जाते हो।। मिला है एक जन्म लोगों को हंसाने का, क्या तुम उन्हें भी रूला जाते हो। फिर कब अपने इन कारनामो को सही करोगे, इस जिंदगी में…
रात ढलते ही आज फिर से कलम उठा ली, कुछ लिखने के लिए सिरहाने मे रखी डायरी उठा ली, किस पर लिखू आज ये सोच ही रहा था ? ख्याल तो मन मे बहुत थे पर क्या लिखू बुझ नहीं रहा था। फिर अचानक अपनी डायरी-कलम को देखते ही, ख्याल एक आया साथी तुम अकेले…