यार मेरे यार… तूने क्या कर डाला
यार मेरे यार,
काश तूने दगा दिया होता,
काश तूने मुझे छोड़ दिया होता।।
तोड़ा होता दिल मेरा
बेदर्द की तरह,
काश तूने रिश्ता
खत्म कर दिया होता।।
होता ना फिर दर्द ऐसा
तेरे छोड़ जाने का,
होता ना फिर ग़म ऐसा
तेरे चले जाने का।।
काश तू अपना बनकर
बातें ना करता,
काश तू मुझको
अपना ना कहता।।
फिर तू छोड़ जाता
तो याद ना आता,
तुझे भी आने-जाने वालों
की तरह भूल जाता।।
अपना भी कहा,
और पराया बना डाला।।
ऐसा मारा मुझको
कि जान भी ना रही,
ज़िंदा भी हूँ,
और साँस भी रुक रही।।
तूने इन साँसों को
ऐसा क्या कर डाला,
यार मेरे यार,
तूने क्या कर डाला।।
जाता भी नहीं,
और आता भी नहीं,
मेरे दिल को
आता-जाता कर डाला।।
**यार मेरे यार,
तूने क्या कर डाला,
पाता भी नहीं तुझे,
पर तबाह कर डाला।।**
यार मेरा यार,
तू कैसा जादूगर,
सालों हुए गुज़र,
फिर भी तू यहीं इधर।।
आता ना नज़र मुझे,
पर दिल को आता नज़र,
कैसा जादूगर तू,
कैसा जादूगर।।
बात भी ना करता,
याद भी ना करता,
जाने चुपचाप
इस दिल में क्या करता।।
तुझे भूलूँ,
या मैं खुद को भूलूँ,
या इस दिल को मार
बेफ़िक्र हो जाऊँ।।
रोने भी देता,
और सोने भी ना देता,
यार मेरे,
मुझको क्यों इतनी सज़ा देता।।
बोल दे तू ही,
क्या करना मुझे,
यार मेरे यार,
अब चैन दे मुझे।।
**यार मेरे यार,
तूने क्या कर डाला,
पाता भी नहीं तुझे,
पर तबाह कर डाला।।**
~ **MySoloWord ✍️**
