आज उनकी कुछ बात करते हैं
चलो आज उनकी बात करते हैं, हाँ हाँ मेरा मतलब आज भी उनकी बात करते हैं.
चलो आज उनकी बात करते हैं, हाँ हाँ मेरा मतलब आज भी उनकी बात करते हैं.
अजीब सी हो गई ये जिन्दगी, ना ही इधर की ना ही उधर की. एक वो भी था जिसे चाहा था हमने, और जिसे सभी वक्त मे आगे रखा हमने. पर क्या पता था जिसे देंगे वो वक्त अपना, जो हमारी नींद का था……. आज वही हमको बोले प्यार नहीं मेरे दोस्त,. बस दोस्ती का रिश्ता…
कुछ अनकहीं बाते.. ना वो कलम लिख पाई.. ना वो लफ़्ज़ मिल पाए.. सुकून तेरी वो मुस्कान से ही मिलता है.. दर्द आज भी तुझसे दूर रहने मे उठता है.. पता है वो मेरे लिखे खत तुझे न ला सकेंगे पर यादो में तो तुझे ही बस तुझे ही बसा सके.. तेरी तसवीर ही है…
रात इरादा करके सोए, आज हम सो जायेंगे।। इन थकी आंखों को, आज सपने दिखाएंगे।। अब बहुत हुआ इन यादों मे रातों को जगना, आज तो हम सब भूल गहरी नींद सो जायेंगे।। अब ना इन यादों से, मन को अपने रुलायेंगे रात इरादा करके सोए, आज हम सो जायेंगे।। हुआ इरादा पक्का, मन भी…
जब खुद को चोट लगती हैं, तब अहसास दर्द का होता है।। कभी कोइ कितना रोया होगा, तब हमको पता लगता हैं।। चोट लगे कभी जब तब, पीछे मुड़ देखना।। किसी अपने को दी हुईं चोट का, जिक्र मन में तुम कर लेना।। तब करना एहसास उस पल तुम कहा खड़े थे, जब वो चोट…
चंदा को देखू कभी तारो को देखू , मैं हर रात कुछ पल इन यारो को देखू।। होते है जब चंदा और चांदनी अलग , चन्दा चांदनी के मिलने—बिछुडने का, खुशी और दर्द का वो पल भी हां देखू।। मैं उस पल तारो का याराना भी देखू , जो संग चंदा के उस पल मे…
ये तेरी यांदे मुझे उदास कर देती हैं, जितना भूले उतना याद ये देती है ।। क्या करे इन यादों का अब कुछ समझ आता , कोशिश करते हर रोज पर भूला नहीं जाता।। सब कर लिया हमने तुम्हे भूलने की खातिर, पर ये यादें तेरी यारा है बड़ी शातिर।। जब इनको मे तुझे भूलने…