हर रात मे कुछ पल चंदा चांदनी और तारो को देखू।
चंदा को देखू कभी तारो को देखू ,
चंदा को देखू कभी तारो को देखू ,
ऐसा नहीं है कि मैंने अब रोना छोड़ दिया है. दुखी अब भी होता हूँ बहुत पर बताना छोड़ दिया है. ऐसा नहीं मैंने सबके साथ रहना छोड़ दिया है, हाँ अकेला हूं बहुत इतने सारे अपनों के साथ, अब अपनों से कहना छोड़ दिया है ।। हाँ करता हूं मैं पहले जैसा ही प्यार…
ऐसी तकदीर लाऊं कहा से।। एक दोस्त सच्चा पाऊं कहा से।। पल पल मरते जा रहा हूं फिर भी तो मैं जिए जा रहा हूं।। गुस्ताख़ ये यकीं की ये सजा पाऊं कहा से।। लड़ तो जाऊं तूझसे ये मेरी किस्मत लिखने वाले, पर साथ मेरे जो पीछे खड़ा हो उस पल, साथ देने वाला…
तन्हा राते ही अब मेरी साथी हो गयी, तुम्हे चाहने की जो खता हो गयी ।। समझाया सबने मगर ये दिल माना ही नही, ये भूल जो मुझसे बड़ी हो गयी।। रोका क्यू ना था मैंने दिल को अपने, क्यों देखें थे की तुम रहोगी ये सपने।। सपनों की अब मेरे इंतिहां हो गयी तुम्हे चाहने…
नाराज़ खुद से हूँ, तुमसे कोई गिला कोई बात नहीं, वक़्त बदलता गया पर कमबख़्त ये मेरे हालात नहीं। हमने खोल दिए दिल के राज़ सारे-के-सारे, उन्हे शौक़ माद्दी रहा, समझना था मेरे जज़्बात नहीं। कर मेरे तू अपने रूह को कुछ यूँ रु-ब-रु, बहुत कर ली हमने, अब सिर्फ़ जिस्मानी मुलाक़ात नहीं। मय समझ…
साथ रहना ही साथ नहीं होता. दिन भर बात करते रहना ही साथ नहीं होता. एक मेरी भी जिंदगी जो दूर है मजबूर है लकिन हर पल साथ है………….. माना कि अब वो नहीं दे पाते वक़्त पर कोई गिला नहीं, उनके हिस्से का वक़्त हम खुद को दे लेते हैं. हाँ दूर है पर…
ये बेदर्द यादों से कह दो थोडा रुक जाएं।। यूं पास मेरे आ कर यूं ना तड़पाये।। जिन तूफानो से हम अब गुजर रहे , उन तूफानो से यूं ना ये टकराए।। शिकायत हो तो कही और बतलाये, अब हम पर यूं अपना ना केस चलाए।। हम तो पहले ही उन उन गुनाहों मे शामिल,…