ऐसी तकदीर लाऊं कहा से।।
ऐसी तकदीर लाऊं कहा से।।
ऐसी तकदीर लाऊं कहा से।।
जो साथ है उसकी कदर नहीं, जो दूर है उसकी तलाश चल रही. जिसे बनाया था अपना कभी, अब उसमे वो बात नहीं दिख रहीं. और जो अभी हुआ ही नहीं अपना, उसमें अब सब खूबी दिख रही. वाह रे इंसान प्यार बोलते हो तुम इसको, मुझे तो बस ये जिस्मों और वक़्त की भूख…
जब खुद को चोट लगती हैं, तब अहसास दर्द का होता है।। कभी कोइ कितना रोया होगा, तब हमको पता लगता हैं।। चोट लगे कभी जब तब, पीछे मुड़ देखना।। किसी अपने को दी हुईं चोट का, जिक्र मन में तुम कर लेना।। तब करना एहसास उस पल तुम कहा खड़े थे, जब वो चोट…
एक पल में अपना बन कर लोग आते हैं। एक पल में पराया कर लोग चले जाते है। आते है जब हसीन दुनिया सी बना देते, और जाते हैं जब सब तबाह ये कर जाते है। एक पल में अपना बन कर लोग कुछ आते हैं। इक पल में ही पराया कर छोड़ चले जाते…
सुना तेरी खुशियो भरी जिंदगी मे अब कुछ और आ गया है. नाम मे लिख वफा तेरी लकीर मे हमे गैर बना गया है. मोहरा बना मुझे शतरंज का तेरी जिन्दगी से निकाल गया है. खुश है तू भी अब नये जिन्दगी मे बस मुझे रुला गया है. क्या कहु बस लफ्ज़ नहीं जब तू…
तू वो सपना मेरा जिसकी चाहत मुझे हर नीद मे आती ।। तू वो ख्याल मेरा जिसकी याद हर ख्याल मे आती. वो मुस्कान तुम मेरी, जो हर ग़म भुला देती वो इबादत तू मेरी जो तुझमे रब से मिला देती. वो बारिश तू मेरी, हर आंसू को बहा देती. तुझ बिन जीना है ये…
चाहत ना रख कोई बात नहीं, रिश्ता ना रख कोई बात नहीं. पर जो था पहले कभी हम दोनों मे जो, उन याद को कैसे भुलाउ ये बता तो सही. तुम तो चली गए एक पल मे सब छोड़ कर, मैं भी तेरी तरह बेग़ैरत कैसे बनूँ ये सीखा तो सही. चल मान लिया तू…