बहुत ख़ास है आपका हर एक पल
जब होती उनसे बात या कोई मुलाकात,
जब होती उनसे बात या कोई मुलाकात,
अजीब सी हो गई ये जिन्दगी, ना ही इधर की ना ही उधर की. एक वो भी था जिसे चाहा था हमने, और जिसे सभी वक्त मे आगे रखा हमने. पर क्या पता था जिसे देंगे वो वक्त अपना, जो हमारी नींद का था……. आज वही हमको बोले प्यार नहीं मेरे दोस्त,. बस दोस्ती का रिश्ता…
बिखरा सा हूँ अब बहुत, सायद अब समेटा ना जाऊँ. टूट गया हूं बहुत अब, शायद अब जोड़ा ना जाऊँ. गलने लगा हूं अब अंदर से, सायद ही फिर पनप पाऊँ. यारो तुम फिक्र ना करना अब, सायद ही अब शिकायत करने आऊँ. उजालों में अंधेरा सा लगता है अब,. शायद ही अंधेरों से निकल…
रात इरादा करके सोए, आज हम सो जायेंगे।। इन थकी आंखों को, आज सपने दिखाएंगे।। अब बहुत हुआ इन यादों मे रातों को जगना, आज तो हम सब भूल गहरी नींद सो जायेंगे।। अब ना इन यादों से, मन को अपने रुलायेंगे रात इरादा करके सोए, आज हम सो जायेंगे।। हुआ इरादा पक्का, मन भी…
कहना तो बहुत कुछ चाहता हु तुझसे, पर कह कहा पाता हूं। सच तो है जीना है तेरे बगैर, पर एक पल भी कहा रह पाता हूं। कोशिश हर बार होती है तुझे भुलाने की, पर एक पल भी कहा भूला पाता हूं। कहना तो बहुत कुछ चाहता हु तुझसे, पर कह कहा पाता हूं………………..।…
ज़िंदगी ढूंढ ही लेगी, फिर से नया बहाना जीने का, ज़िंदगी बना ही लेगी फिर से नया ठिकाना रहने का।। वो जो आया था कुछ पल के लिए, अपनेपन का अहसास लिए।। कुछ खास सौगात लिए कुछ नये जज्बात लीये, मेरे दर्द को मिल बांट कर उसने कम करने का इरादा दिया, और साथी साथ…
चाहत ना रख कोई बात नहीं, रिश्ता ना रख कोई बात नहीं. पर जो था पहले कभी हम दोनों मे जो, उन याद को कैसे भुलाउ ये बता तो सही. तुम तो चली गए एक पल मे सब छोड़ कर, मैं भी तेरी तरह बेग़ैरत कैसे बनूँ ये सीखा तो सही. चल मान लिया तू…