वक़्त बे वक़्त तुझे याद करना
हाँ अच्छा नहीं मुझे पता है हर वक़्त बेवक्त तुझे याद करते रहना,आदत ये मेरी सही नहीं ये भी हाँ मुझे पता.
हाँ अच्छा नहीं मुझे पता है हर वक़्त बेवक्त तुझे याद करते रहना,आदत ये मेरी सही नहीं ये भी हाँ मुझे पता.
ये इन्तजार भी बहुत दर्द देती हैं, ये हर सब्र को बस तोड़ देती हैं।। आसान नही होता यूं इन्तजार मे वक्त बिताना, बिना शिकायत के बस चुप हो किए जाना।। इन्तजार कभी तन्हा अकेला कर देती हैं।। जब पता हो की इन्तजार के बाद भी इन्तजार है, सच कहता हुं तब ये अंदर से…
दाद देते हैं तुम्हारे नजर अंदाज करने के हुनर को, जिसने भी सिखाया उस्ताद कमाल का होगा.| क्यु शर्मिंदा करते हो रोज यूँ हाल पूछकर, हाल हमारा वहीं है जो तुमने बना रखा है.| मिल गये होगी गज़ब की मजबूरी कोई, वर्ना मेरा यार यूँ बदलने वाला ना था | नींद भी नीलाम हो जाती…
प्रेम इबादत है, जिसे हो जाए उसे खुदा से मिला दे. प्रेम पारस है, जिसे छू ले उसे कुंदन कर दे. प्रेम सफर है, जिसे हो जाए उसे मुसाफिर कर दे. प्रेम तपस्या है, जिसे हो जाए उसे फकीर कर दे. प्रेम ग़ज़ब है, जिसे हो…
याद है वो हमें कुछ इस तरह से अब तलक, उससे दूर होकर खुद को भूला बैठे हैं हम ।। निगाहों में नहीं वो अब दिल में कहीं बसता है, किस अजनबी को ये अपना बना बैठे हैं हम जिसे ये सोचकर चाहा कि खुशी मिलेगी हमें , उसके गम को अब सीने से लगा…
मेरा आना किसी के लिऐ तबाही ले लायी, किसी के सालो के रिश्तों मे खटास मुझ कारण आई।। जिस दोस्त के साथ मिलने लगा था चैन सुख थोडा, उसी दोस्त के लिए मेरा आना सुनामी ले आई। चाह कर भी ये खुदा तुझसे फरियाद क्या करू, मेरी किस्मत मे तो खामोशी तूने ही तो लिखवाई…
रात ढलते ही आज फिर से कलम उठा ली, कुछ लिखने के लिए सिरहाने मे रखी डायरी उठा ली, किस पर लिखू आज ये सोच ही रहा था ? ख्याल तो मन मे बहुत थे पर क्या लिखू बुझ नहीं रहा था। फिर अचानक अपनी डायरी-कलम को देखते ही, ख्याल एक आया साथी तुम अकेले…
Well written