ख्वाब की कहानी हकीकत बन गए
एक रोज़ आया एक ख्वाब, दिल और रूह को मिला गया.
एक रोज़ आया एक ख्वाब, दिल और रूह को मिला गया.
ये इन्तजार भी बहुत दर्द देती हैं, ये हर सब्र को बस तोड़ देती हैं।। आसान नही होता यूं इन्तजार मे वक्त बिताना, बिना शिकायत के बस चुप हो किए जाना।। इन्तजार कभी तन्हा अकेला कर देती हैं।। जब पता हो की इन्तजार के बाद भी इन्तजार है, सच कहता हुं तब ये अंदर से…
बिखरा सा हूँ अब बहुत, सायद अब समेटा ना जाऊँ. टूट गया हूं बहुत अब, शायद अब जोड़ा ना जाऊँ. गलने लगा हूं अब अंदर से, सायद ही फिर पनप पाऊँ. यारो तुम फिक्र ना करना अब, सायद ही अब शिकायत करने आऊँ. उजालों में अंधेरा सा लगता है अब,. शायद ही अंधेरों से निकल…
एक पल लगता सब सही हो गया, ना जाने दुजे पल सब फिर बदल जाता।। रुक रुक कर चलने की आदत भी हो गई, ना जाने फिर भी मन कंही क्यों लग नही पता।। बस अब लोग कहने लगे है मुझे मै बदल सा गया हुं, थोडा गुस्सैल और घमंडी ना बोलने वाला हो गया…
कसमकश ये कैसी ये कैसी है उदासी, दिल तो करता बहुत कुछ, पर हालातों की मायूसी। किस डगर किस राह को पकड़ ये जिंदगी बितायूं? किस तरह तुझे अपना हमसफर बनाऊं, यूं अभी तो साथ तेरा मुझे मिलना ये किस्मत पर छोड़ा, तू क़िस्मत से ही तो था मेरी जिंदगी में मुझसे था जुड़ा।। कसमकश ये…
जो साथ है उसकी कदर नहीं, जो दूर है उसकी तलाश चल रही. जिसे बनाया था अपना कभी, अब उसमे वो बात नहीं दिख रहीं. और जो अभी हुआ ही नहीं अपना, उसमें अब सब खूबी दिख रही. वाह रे इंसान प्यार बोलते हो तुम इसको, मुझे तो बस ये जिस्मों और वक़्त की भूख…
जब होती उनसे बात या कोई मुलाकात, दिल कहीं थम सा जाता है. होती है करनी बहुत बात, पर कहीं…… उनकी ही बातों पे ये दिल खो जाता है. छुप छुप के नजरे उनसे मिलती , उनके सामने होने के बाद भी । प्यार का इजहार करने को दिल करता तो बहुत लेकिन ये बहुत…