सुकून की तलाश है
जो साथ है उसकी कदर नहीं,
जो साथ है उसकी कदर नहीं,
रात ढलते ही आज फिर से कलम उठा ली, कुछ लिखने के लिए सिरहाने मे रखी डायरी उठा ली, किस पर लिखू आज ये सोच ही रहा था ? ख्याल तो मन मे बहुत थे पर क्या लिखू बुझ नहीं रहा था। फिर अचानक अपनी डायरी-कलम को देखते ही, ख्याल एक आया साथी तुम अकेले…
हमको क्या खबर थी की तुम यूं आओगे, आकर जिन्दगी का मेरी एक हिस्सा बन जाओगे।। चाहत से भी अधिक चाहत बन कर तुम, बिना बात यूं ही चले जाओगे।। ना रूठे हो ना छोड़े हो, फिर भी मिलों दूर तुम खड़े हों ।। दिखते तो हो पास अब भी मुझे तुम, पर अब रेगिस्थान…
जब खुद को चोट लगती हैं, तब अहसास दर्द का होता है।। कभी कोइ कितना रोया होगा, तब हमको पता लगता हैं।। चोट लगे कभी जब तब, पीछे मुड़ देखना।। किसी अपने को दी हुईं चोट का, जिक्र मन में तुम कर लेना।। तब करना एहसास उस पल तुम कहा खड़े थे, जब वो चोट…
मेरी एक किताब खो गयी, जो थी मेरी सबसे अजीज वो किताब खो गयी। ढूँढा हर जगह उसे पर ना जाने वो कहा खो गयी. जिसे देख कर होती थी एक प्यारी सी सुबह मेरी, मेरी वो सुबह खो गयी. मेरी एक किताब खो गयी. कुछ पल दिल के ख्याल बया कर मीठी सी नींद…
रिश्ते अब संसार मे खोने लगे,दोस्त अब थकने लगे. कोई भाग रहा सब. ख्वाहिश पूरी करने मे, कोई परेशान है खुद का वजन कम करने मे. किसी के माथे मे पैसा कमाने की सिरकन, किसी को है टेंशन लोन की किस्त ना देने पाने में. रिश्ते अब संसार मे खोने लगे,दोस्त अब थकने लगे. फुर्सत…
आसान नहीं होता खुद से बांते करना, यूं हर एक बात मन में ख़ुद से ही करना।। अकेलेपन से गुजरने के बाद ये मुकाम हासिल होता। हर राह पे टूटने और छुटने के बाद ये होता।। हर एक उम्मीद जब बिखेरे तब ।। जब हर रात खुली आंखो से गुजरे।। जब बाते बहुत हो कहने…
Waahhhh