कैसे खुद को अब समझाऊं कैसे.?
सीधा सा इंसान ना जाने क्यु प्यार किया मुझे उसने,
सीधा सा इंसान ना जाने क्यु प्यार किया मुझे उसने,
सुना तेरी खुशियो भरी जिंदगी मे अब कुछ और आ गया है. नाम मे लिख वफा तेरी लकीर मे हमे गैर बना गया है. मोहरा बना मुझे शतरंज का तेरी जिन्दगी से निकाल गया है. खुश है तू भी अब नये जिन्दगी मे बस मुझे रुला गया है. क्या कहु बस लफ्ज़ नहीं जब तू…
हमको क्या खबर थी की तुम यूं आओगे, आकर जिन्दगी का मेरी एक हिस्सा बन जाओगे।। चाहत से भी अधिक चाहत बन कर तुम, बिना बात यूं ही चले जाओगे।। ना रूठे हो ना छोड़े हो, फिर भी मिलों दूर तुम खड़े हों ।। दिखते तो हो पास अब भी मुझे तुम, पर अब रेगिस्थान…
ये राखी फिर रुलायेगी, फिर मेरी याद लौट आयेगी।। जो दर्द हर दिन दबा रहता दिल मे, वो याद आंसू के रस्ते आयेगी।। ये राखी फिर रुलायेगी।।। याद आयेगा फिर से वो वादा मेरा, जो कर ना सका पूरा वो इरादा मेरा।। जिसकी हर मोड़ पर साथ देने का वादा मेरा, वो पूरा ना कर…
शिकायत ये रब तुझसे भी कितनी करू, करते करते ये उम्र बीत जानी है।। मिलूंगा जब तुमसे तेरे घर पर, रब सब बात तुम्हे बतलानी है।। क्यो इतना मेरी खुशियों से जलता है तू, ये बात तुमसे ही कहलवांनी है।। मिलूंगा जब तुमसे रब सब बात तुम्हे बतलानी है।। क्या रजा तेरी मेरी ज़िन्दगी को,…
चाहत ना रख कोई बात नहीं, रिश्ता ना रख कोई बात नहीं. पर जो था पहले कभी हम दोनों मे जो, उन याद को कैसे भुलाउ ये बता तो सही. तुम तो चली गए एक पल मे सब छोड़ कर, मैं भी तेरी तरह बेग़ैरत कैसे बनूँ ये सीखा तो सही. चल मान लिया तू…
साथ रहना ही साथ नहीं होता. दिन भर बात करते रहना ही साथ नहीं होता. एक मेरी भी जिंदगी जो दूर है मजबूर है लकिन हर पल साथ है………….. माना कि अब वो नहीं दे पाते वक़्त पर कोई गिला नहीं, उनके हिस्से का वक़्त हम खुद को दे लेते हैं. हाँ दूर है पर…