ये हक मुझसे मत लिया करो
बात नहीं कर पाते ज्यादा कोई शिकवा नहीं है.
हमेसा प्यार से समझाती हो आप,
बात नहीं कर पाते ज्यादा कोई शिकवा नहीं है.
तुम भी छोड़ गये………. अब किस किस बात पर करू यकीन, किस को कहूं की फिर से टूट गया, जो था मेरा अपना वो मुझसे छूट गया।। ना जाने क्यूं मेरे ही हिस्से मे ये आता, हर बार मैं ही खुद को अकेला हूं पाता।। तुम भी छोड़ गये….. अब भी मैं कैसे खुद को…
बिखरा सा हूँ अब बहुत, सायद अब समेटा ना जाऊँ. टूट गया हूं बहुत अब, शायद अब जोड़ा ना जाऊँ. गलने लगा हूं अब अंदर से, सायद ही फिर पनप पाऊँ. यारो तुम फिक्र ना करना अब, सायद ही अब शिकायत करने आऊँ. उजालों में अंधेरा सा लगता है अब,. शायद ही अंधेरों से निकल…
रिश्ते अब संसार मे खोने लगे,दोस्त अब थकने लगे. कोई भाग रहा सब. ख्वाहिश पूरी करने मे, कोई परेशान है खुद का वजन कम करने मे. किसी के माथे मे पैसा कमाने की सिरकन, किसी को है टेंशन लोन की किस्त ना देने पाने में. रिश्ते अब संसार मे खोने लगे,दोस्त अब थकने लगे. फुर्सत…
छोटे – छोटे लम्हे बड़ा ना सके हम, उन लम्हों को अपना बना ना सके हम। किसे कहे अपना तू साथी मेरा है, किसे कहे दोस्त तू यार मेरा है।। जैसे ही किसी को अपना समझते हम, उस पल से ही वो बदल जाते एकदम। मिले तो बहुत हमे अपना कहने वाले, पर किसी को…
कुछ अनकहीं बाते.. ना वो कलम लिख पाई.. ना वो लफ़्ज़ मिल पाए.. सुकून तेरी वो मुस्कान से ही मिलता है.. दर्द आज भी तुझसे दूर रहने मे उठता है.. पता है वो मेरे लिखे खत तुझे न ला सकेंगे पर यादो में तो तुझे ही बस तुझे ही बसा सके.. तेरी तसवीर ही है…
याद है वो हमें कुछ इस तरह से अब तलक, उससे दूर होकर खुद को भूला बैठे हैं हम ।। निगाहों में नहीं वो अब दिल में कहीं बसता है, किस अजनबी को ये अपना बना बैठे हैं हम जिसे ये सोचकर चाहा कि खुशी मिलेगी हमें , उसके गम को अब सीने से लगा…