Blog Post 40 2027127385

याद है वो हमें कुछ इस तरह से अब तलक, उससे दूर होकर खुद को भूला बैठे हैं हम ।।

याद है वो हमें कुछ इस तरह से अब तलक,
 उससे दूर होकर खुद को भूला बैठे हैं हम ।।
निगाहों में नहीं वो अब दिल में कहीं बसता है,
 किस अजनबी को ये अपना बना बैठे हैं हम
जिसे ये सोचकर चाहा कि खुशी मिलेगी हमें ,
उसके गम को अब सीने से लगा बैठे हैं हम ।।
गुनगुना न सके हम जिसे चाहते हुए भी कभी,
 उसे अपने सीने की धड़कन बना बैठे हैं हम
छुपाया सदा जिसे दुनिया कि नजरों से हमने ,
उस गजल को इस शायरी में दिखा बैठे हैं हम।।
जिसे बनाया थ दर्द ये दिल का साथी हमराज,
अब उनके भी दर्द से खुद को तड़पा रहे हम।।
मानते थे जो होंगे हर पल  हर मुस्किल मे साथ,
न जाने क्यों ये गलतफहमी बना बैठे हम।।
अब उनको ढूंढते ढूंढते, खुद को ही खो बैठे है हम।।

Similar Posts

  • इन्तज़ार……………

    ये इन्तजार भी बहुत दर्द देती हैं, ये हर सब्र को बस तोड़ देती हैं।। आसान नही होता यूं इन्तजार मे वक्त बिताना, बिना शिकायत के  बस चुप हो किए जाना।। इन्तजार कभी तन्हा अकेला कर देती हैं।। जब पता हो की इन्तजार के बाद भी इन्तजार है, सच कहता हुं तब ये अंदर से…

  • कसमकश ये कैसी… कैसी ये उदासी।

    कसमकश ये कैसी ये कैसी है उदासी, दिल तो करता बहुत कुछ, पर हालातों की मायूसी। किस डगर किस राह को पकड़ ये जिंदगी बितायूं? किस तरह तुझे अपना हमसफर बनाऊं, यूं अभी तो साथ तेरा मुझे मिलना ये  किस्मत पर छोड़ा, तू क़िस्मत से ही तो था मेरी जिंदगी में मुझसे था जुड़ा।। कसमकश ये…

  • सुकून की तलाश है

    जो साथ है उसकी कदर नहीं, जो दूर है उसकी तलाश चल रही.  जिसे बनाया था अपना कभी,  अब उसमे वो बात नहीं दिख रहीं.  और जो अभी हुआ ही नहीं अपना,  उसमें अब सब खूबी दिख रही.  वाह रे इंसान प्यार बोलते हो तुम इसको,  मुझे तो बस ये जिस्मों और वक़्त की भूख…

  • बदलते रिश्ते

    अजीब सी हो  गई  ये जिन्दगी, ना ही इधर की ना ही उधर की.  एक वो भी था जिसे चाहा था हमने,  और जिसे सभी वक्त मे आगे रखा हमने.  पर क्या पता था जिसे देंगे वो वक्त अपना,  जो हमारी नींद का था……. आज वही हमको बोले प्यार नहीं मेरे दोस्त,.  बस दोस्ती का रिश्ता…

  • ये राखी फिर रुलाएगी

    ये राखी फिर रुलायेगी, फिर मेरी याद लौट आयेगी।। जो दर्द हर दिन दबा रहता दिल मे, वो याद आंसू के रस्ते आयेगी।। ये राखी फिर रुलायेगी।।। याद आयेगा फिर से वो वादा मेरा, जो कर ना सका पूरा वो इरादा मेरा।। जिसकी हर मोड़ पर साथ देने का वादा मेरा, वो पूरा ना कर…

  • लोग तो छोड़ों क्या खुदा भी उन्हीं का था??

    जिंदगी मे आने की ख्वाहिश भी उसकी थी ,  छोड़ जाने का फैसला भी उन्हीं का था.  दिल की हर बात बताने की आदत भी उन्हीं की थी,  और आज हर बात छुपाने का हुनर भी उन्हीं का था.  सबसे खाश बनाकर पास रखकर ,  वो सपना दिखा कर हंसाने वाली भी वो थी.  और…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *