जब खुद को चोट लगती हैं, तब अहसास दर्द का होता है।।
जब खुद को चोट लगती हैं,
जब खुद को चोट लगती हैं,
मेरे रास्तो का रुख जो आज तेरी तरफ है, मेरे दिल की बैचैनी तबाह कर रहीं हैं मुझे. चाह कर भी मे तुम्हें समझा नहीं पाउंगा, मेरा जिक्र जो तुम्हें चुभता है आजकल…. मेरे कारण जो भी दिल को ठेस पहुंची है तुम्हारे, खुद को चाह कर भी माफ़ नहीं कर पाउंगा. दुआओं मे जो…
एक रोज़ आया एक ख्वाब, दिल और रूह को मिला गया. जिसे ख्वाबों मे ही मिले थे, उससे किस्मत ने मिला दिया. हो गए एक दूसरे के हमसफ़र, फिर ख्वाब ने हकीकत होना शुरू कर दिया. ना मंजिल थी ना रास्ते थे,ना ही कोई बात, बस दिल और रूह का एक सुकून था साथ. इस…
क्या सोचते हैं लोग मुझे की मे संभल जाऊंगा, हर बार टूटूंगा और फिर उठ उठ जाऊंगा।। इंसानी रूह का बना है ये मन मेरा भी, खुदा नहीं की हर बार संभल जाऊंगा ।। पता नही हर बार मेरे अपने मुझ सीखा जाते, टूटना नही रूठना नही ये कह कर चले जाते।। एक पल मुझे…
कुछ अनकहीं बाते.. ना वो कलम लिख पाई.. ना वो लफ़्ज़ मिल पाए.. सुकून तेरी वो मुस्कान से ही मिलता है.. दर्द आज भी तुझसे दूर रहने मे उठता है.. पता है वो मेरे लिखे खत तुझे न ला सकेंगे पर यादो में तो तुझे ही बस तुझे ही बसा सके.. तेरी तसवीर ही है…
होगा कल कैसा या आज जैसा ही होगा, बीता हुआ होगा या उससे भी ज्यादा बुरा होगा ।। अब तो अब मे ही रहने को दिल करता हैं, ना जाने आने वाला कैसा कैसा होगा।। होगा कोई अपना या अपनेपन जैसा होगा, या अपना कहने वाला बीते लोगों जैसा होगा।। होगी बात अपनेपन की या…
बात नहीं कर पाते ज्यादा कोई शिकवा नहीं है. ज़ज्बात नहीं बता पाते कोई गिला नहीं है. | पर यार कभी कभी प्यार ज़ता दिया करो. पहले की तरह हक्क दिला दिया करो. | ये हक़ मुझसे मत लिया करो, ये हक़ मुझसे मत लिया करो लंबी बात ना कर सकते पता है यार, पर…