हमको क्या खबर थी की तुम यूं आओगे, आकर जिन्दगी का मेरी एक हिस्सा बन जाओगे।।
हमको क्या खबर थी की तुम यूं आओगे, आकर जिन्दगी का मेरी एक हिस्सा बन जाओगे।। चाहत से भी अधिक चाहत बन कर तुम, बिना बात यूं ही चले जाओगे।। ना रूठे हो ना छोड़े हो, फिर भी मिलों दूर तुम खड़े हों ।। दिखते तो हो पास अब भी मुझे तुम, पर अब रेगिस्थान…
