जाने वो कैसी होगी उस पार की दुनियां, सतरंगी होगी अतरंगी होगी या होगी वो भी चाह की दुनियां।।
जाने वो कैसी होगी उस पार की दुनियां,
जाने वो कैसी होगी उस पार की दुनियां,
कुछ अनकहीं बाते.. ना वो कलम लिख पाई.. ना वो लफ़्ज़ मिल पाए.. सुकून तेरी वो मुस्कान से ही मिलता है.. दर्द आज भी तुझसे दूर रहने मे उठता है.. पता है वो मेरे लिखे खत तुझे न ला सकेंगे पर यादो में तो तुझे ही बस तुझे ही बसा सके.. तेरी तसवीर ही है…
मेरा आना किसी के लिऐ तबाही ले लायी, किसी के सालो के रिश्तों मे खटास मुझ कारण आई।। जिस दोस्त के साथ मिलने लगा था चैन सुख थोडा, उसी दोस्त के लिए मेरा आना सुनामी ले आई। चाह कर भी ये खुदा तुझसे फरियाद क्या करू, मेरी किस्मत मे तो खामोशी तूने ही तो लिखवाई…
ये बेदर्द यादों से कह दो थोडा रुक जाएं।। यूं पास मेरे आ कर यूं ना तड़पाये।। जिन तूफानो से हम अब गुजर रहे , उन तूफानो से यूं ना ये टकराए।। शिकायत हो तो कही और बतलाये, अब हम पर यूं अपना ना केस चलाए।। हम तो पहले ही उन उन गुनाहों मे शामिल,…
बहुत उदास है कोई तेरे चुप हो जाने से, हो सके तो बात कर किसी बहाने से. कैसे भी कर जैसे भी कर ये तुझ पे छोड़ा, खामोशी से तेरी अब चैन भी नहीं थोड़ा, वापस आ कर फिर से बात कर ले, थोडा ही सही पर तू हामी भर दे।। तेरा चुप हो जाना…