poetry

  • कुछ दर्द ज़रूरी होते हैं

    आसार मेरे ये तो ज़माने के लिए हैं, कुछ अल्फ़ाज़ उन्हें सुनाने के लिए हैं।। पलकों में जो भर लोगे इन्हें, तो काँटों-से चुभने लगेंगे। कुछ ख़्वाब तो सिर्फ़ आँखों में सजाने के लिए होते हैं।। हर दुआ मुकम्मल हो जाए, ये ज़रूरी तो नहीं। कुछ इंतज़ार सिर्फ़ सब्र सिखाने के लिए होते हैं।। अब…

  • कुछ अनकही बाँते

    कुछ अनकहीं बाते.. ना वो कलम लिख पाई.. ना वो लफ़्ज़ मिल पाए.. सुकून  तेरी वो मुस्कान से ही मिलता है.. दर्द आज भी तुझसे दूर रहने मे उठता है.. पता है वो मेरे लिखे खत तुझे न ला सकेंगे  पर यादो में तो तुझे ही बस तुझे ही बसा सके..  तेरी तसवीर  ही है…

  • ये मन मेरा मन सुनता नहीं मेरी

    मेरा मन ! ये मन ! क्यु सुनता नहीं मेरी. कहता हूं इसको खुश हो जा.  पर सुनता ही नहीं ……………! करता ये वही जो करना है इसको   बीच भँवर मे फसा देता जिन्दगी मेरी  लड़ता हूं इससे, झगड़ता हूं इससे….  पर यारो ये मन फिर भी सुनता ही नहीं ….   छोड़ूं इसको इसके हाल…

  • हम साथ – साथ है. बस कभी साथ ना छोड़ना .

    चहरे पे एक मुस्कान सी आ जाती है,  तुम्हारे ऑनलाइन आने से. इस पागल की सारी खुशिया  तुमसे है,-आधी तुम्हें मनाने से और आधी तुम्हें सताने से.  जब तुम हस्ती हो तो, दिल मेरा चहक उठता,  जब होती sad आप तो मन बस रोने को करता.  नहीं लगता जी कहीं भी किसी भी बहाने से, …