बस वक्त मुताबिक मुझे साथ लिऐ चलते है सभी, ना जाने सबने मुझे इतना गया गुजरा समझ लिया क्यों???
होगा कल कैसा या आज जैसा ही होगा,
होगा कल कैसा या आज जैसा ही होगा,
नाराज़ खुद से हूँ, तुमसे कोई गिला कोई बात नहीं, वक़्त बदलता गया पर कमबख़्त ये मेरे हालात नहीं। हमने खोल दिए दिल के राज़ सारे-के-सारे, उन्हे शौक़ माद्दी रहा, समझना था मेरे जज़्बात नहीं। कर मेरे तू अपने रूह को कुछ यूँ रु-ब-रु, बहुत कर ली हमने, अब सिर्फ़ जिस्मानी मुलाक़ात नहीं। मय समझ…
तुम जो कहते हो चलो अब सब ठीक करते हैं, पुरानी सब बातों को भूल नई शुरुआत करते हैं. पर कैसे करू फिर से यकीन की फिर तुम वैसा ना करोगे.?????? जब मर्जी पास रहोगे, जब मर्जी दूर करोगे.??? जो बीते मेरे साल क्या उन्हें तुम वापस दिला पाओगे, हर रात मरा हूं क्या वो…
साथ रहना ही साथ नहीं होता. दिन भर बात करते रहना ही साथ नहीं होता. एक मेरी भी जिंदगी जो दूर है मजबूर है लकिन हर पल साथ है………….. माना कि अब वो नहीं दे पाते वक़्त पर कोई गिला नहीं, उनके हिस्से का वक़्त हम खुद को दे लेते हैं. हाँ दूर है पर…
मै अकेला मै अकेला, हो रहा हूं मैं अकेला. छूट रहे अब साथ सारे जिनका था कभी मेला. वक्त की मार ही ऐसी साथ छूटे वक्त के साथी. सन्ध्या का अब इंतजार होता बस मै अकेला मै अकेला . किस भ्रम में रखा था मैंने जीवन का ये खेला,… साथी साथ रहते हर दम वक्त…
तन्हा राते ही अब मेरी साथी हो गयी, तुम्हे चाहने की जो खता हो गयी ।। समझाया सबने मगर ये दिल माना ही नही, ये भूल जो मुझसे बड़ी हो गयी।। रोका क्यू ना था मैंने दिल को अपने, क्यों देखें थे की तुम रहोगी ये सपने।। सपनों की अब मेरे इंतिहां हो गयी तुम्हे चाहने…
वाज़िब सवाल तुम्हारा कल क्या होगा हमारा.?? तब तक जब तक जिंदगी है हमारी, साथ चले हस्ते हस्ते एक दूसरे की जीत हार हमारी. जरूरी तो नहीं ना यार हर रिस्ता शादी से ही पूरा होता होता,कुछ रिस्त.अधूरे होकर भी पूरे रहते है ना .मुझे उस अधूरे रिश्ते मे रहने दो ना जब तक साथ…