बस वक्त मुताबिक मुझे साथ लिऐ चलते है सभी, ना जाने सबने मुझे इतना गया गुजरा समझ लिया क्यों???
होगा कल कैसा या आज जैसा ही होगा,
होगा कल कैसा या आज जैसा ही होगा,
क्यु दर्द की बात करे, क्यु ज़ज्बात के घाव करे हरे. मिली थी जिन्दगी उसे मेरे आने से पहले. तो उसकी जिन्दगी भी क्यु बर्बाद करे?? हाँ एक पल नहीं हर पल के साथ की चाह थी, सुख और दुख मिलके बताने और बांटने की आश थी. नहीं हो सका अगर ये मुमकिन तो, क्यु…
तन्हा राते ही अब मेरी साथी हो गयी, तुम्हे चाहने की जो खता हो गयी ।। समझाया सबने मगर ये दिल माना ही नही, ये भूल जो मुझसे बड़ी हो गयी।। रोका क्यू ना था मैंने दिल को अपने, क्यों देखें थे की तुम रहोगी ये सपने।। सपनों की अब मेरे इंतिहां हो गयी तुम्हे चाहने…
चाहत ना रख कोई बात नहीं, रिश्ता ना रख कोई बात नहीं. पर जो था पहले कभी हम दोनों मे जो, उन याद को कैसे भुलाउ ये बता तो सही. तुम तो चली गए एक पल मे सब छोड़ कर, मैं भी तेरी तरह बेग़ैरत कैसे बनूँ ये सीखा तो सही. चल मान लिया तू…
चंदा को देखू कभी तारो को देखू , मैं हर रात कुछ पल इन यारो को देखू।। होते है जब चंदा और चांदनी अलग , चन्दा चांदनी के मिलने—बिछुडने का, खुशी और दर्द का वो पल भी हां देखू।। मैं उस पल तारो का याराना भी देखू , जो संग चंदा के उस पल मे…
तुम जो कहते हो चलो अब सब ठीक करते हैं, पुरानी सब बातों को भूल नई शुरुआत करते हैं. पर कैसे करू फिर से यकीन की फिर तुम वैसा ना करोगे.?????? जब मर्जी पास रहोगे, जब मर्जी दूर करोगे.??? जो बीते मेरे साल क्या उन्हें तुम वापस दिला पाओगे, हर रात मरा हूं क्या वो…
सब खत्म नहीं होता, कोई जुदा नहीं होता।। छोड़ के चले जाने वाला, हर कोई बुरा नहीं होता।। बस कुछ बात मन जाती, किसी की बात ठन जाती।। किसी की मजबूरी कभी सजा दूरी ही बन जाती।। नही तो कौन शख्स इतना खुदगर्ज है होता, जिसे दिल से हो माना अपना वो जुदा नहीं होता ।।…