ठीक तो होगे ना तुम?
ये बर्ताव तेरा
सिर्फ़ तकलीफ़ नहीं,
मुझे हर पल
बेचैन कर रहा है।।
दूर तो हूँ तुझसे,
फिर भी हर दुआ में
साथ तेरा ही
माँग रहा हूँ।।
कसमों से बाँधकर
खामोश हो गए हो,
ना जाने किस बात पर
मुझसे दूर हो गए हो।।
एक बार पूछ लेते,
मैं हालात भी बता देता।
जो दिल में था,
वो हर जज़्बात जता देता।।
पर कसम भी
तुमने ऐसी दे दी,
कि चाहकर भी
कुछ कह न सका मैं।।
ना कसम टूटे,
ना तेरा साथ छूटे।
तेरी खुशियों का
एक भी पल न रूठे।।
इसलिए हर रोज़
खुद से ही पूछता हूँ,
दुआओँ में तेरा नाम लेकर
बस यही सोचता हूँ—
**ठीक तो होगे ना तुम…?**
— MySoloWord
✍️ शब्द जो दिल से दिल तक
