बदलते रिश्ते
अजीब सी हो गई ये जिन्दगी, ना ही इधर की ना ही उधर की. एक वो भी था जिसे चाहा था हमने, और जिसे सभी वक्त मे आगे रखा हमने. पर क्या पता था जिसे देंगे वो वक्त अपना, जो हमारी नींद का था……. आज वही हमको बोले प्यार नहीं मेरे दोस्त,. बस दोस्ती का रिश्ता…
