dosti

  • उस पार की दुनिया

    जाने वो कैसी होगी उस पार की दुनियां, सतरंगी होगी अतरंगी होगी या होगी वो भी चाह की दुनियां।। जिंदा होंगे वहां भी लोग या खुद मे मर चुके होंगे, यहां के जैसे ही या चाहत के भूखे हुंगे।। बदलते रहते होंगे लोगों के हालात देखकर, या वहां दिल से साथ चलते हूंगे।। सुना है…

  • कुछ दर्द ज़रूरी होते हैं

    आसार मेरे ये तो ज़माने के लिए हैं, कुछ अल्फ़ाज़ उन्हें सुनाने के लिए हैं।। पलकों में जो भर लोगे इन्हें, तो काँटों-से चुभने लगेंगे। कुछ ख़्वाब तो सिर्फ़ आँखों में सजाने के लिए होते हैं।। हर दुआ मुकम्मल हो जाए, ये ज़रूरी तो नहीं। कुछ इंतज़ार सिर्फ़ सब्र सिखाने के लिए होते हैं।। अब…

  • मेरे रास्तो का रुख जो आज तेरी तरफ है,

    मेरे रास्तो का रुख जो आज तेरी तरफ है, मेरे दिल की बैचैनी तबाह कर रहीं हैं मुझे. चाह कर भी मे तुम्हें समझा नहीं पाउंगा, मेरा जिक्र जो तुम्हें चुभता है आजकल….  मेरे कारण जो भी दिल को ठेस पहुंची है तुम्हारे, खुद को चाह कर भी माफ़ नहीं कर पाउंगा. दुआओं मे जो…

  • बदलते रिश्ते

    अजीब सी हो  गई  ये जिन्दगी, ना ही इधर की ना ही उधर की.  एक वो भी था जिसे चाहा था हमने,  और जिसे सभी वक्त मे आगे रखा हमने.  पर क्या पता था जिसे देंगे वो वक्त अपना,  जो हमारी नींद का था……. आज वही हमको बोले प्यार नहीं मेरे दोस्त,.  बस दोस्ती का रिश्ता…