dosti

  • मेरे रास्तो का रुख जो आज तेरी तरफ है,

    मेरे रास्तो का रुख जो आज तेरी तरफ है, मेरे दिल की बैचैनी तबाह कर रहीं हैं मुझे. चाह कर भी मे तुम्हें समझा नहीं पाउंगा, मेरा जिक्र जो तुम्हें चुभता है आजकल….  मेरे कारण जो भी दिल को ठेस पहुंची है तुम्हारे, खुद को चाह कर भी माफ़ नहीं कर पाउंगा. दुआओं मे जो…

  • बदलते रिश्ते

    अजीब सी हो  गई  ये जिन्दगी, ना ही इधर की ना ही उधर की.  एक वो भी था जिसे चाहा था हमने,  और जिसे सभी वक्त मे आगे रखा हमने.  पर क्या पता था जिसे देंगे वो वक्त अपना,  जो हमारी नींद का था……. आज वही हमको बोले प्यार नहीं मेरे दोस्त,.  बस दोस्ती का रिश्ता…