नज़र भर देख लिया छुपकर उनको , पर लबों की बात बस लबों मे दबी सी रह गई है।
ख़लिश दिल में दबी सी रह गई है। तेरे बिन इक कमी सी रह गई है। मिटाई याद तेरी ख़त […]
ख़लिश दिल में दबी सी रह गई है। तेरे बिन इक कमी सी रह गई है। मिटाई याद तेरी ख़त […]
गुम गए सब जिन्हें ढूंढ कर संभाला था, तिनका तिनका से बना आशियाना उजाड़ डाला। जितनी खुशी उस आशियाने के […]
जाने वो कैसी होगी उस पार की दुनियां, सतरंगी होगी अतरंगी होगी या होगी वो भी चाह की दुनियां।। जिंदा होंगे वहां भी लोग या खुद मे मर चुके होंगे, यहां के जैसे ही या चाहत के भूखे हुंगे।। बदलते रहते होंगे लोगों के हालात देखकर, या वहां दिल से साथ चलते हूंगे।। सुना है…
आसार मेरे ये तो ज़माने के लिए हैं, कुछ अल्फ़ाज़ उन्हें सुनाने के लिए हैं।। पलकों में जो भर लोगे इन्हें, तो काँटों-से चुभने लगेंगे। कुछ ख़्वाब तो सिर्फ़ आँखों में सजाने के लिए होते हैं।। हर दुआ मुकम्मल हो जाए, ये ज़रूरी तो नहीं। कुछ इंतज़ार सिर्फ़ सब्र सिखाने के लिए होते हैं।। अब…