छोटे छोटे लम्हे बड़ा ना सके हम,कभी किसी को अपना कह ना सके हम।
छोटे – छोटे लम्हे बड़ा ना सके हम, उन लम्हों को अपना बना ना सके हम। किसे कहे अपना तू साथी मेरा है, किसे कहे दोस्त तू यार मेरा है।। जैसे ही किसी को अपना समझते हम, उस पल से ही वो बदल जाते एकदम। मिले तो बहुत हमे अपना कहने वाले, पर किसी को…
