सही कहा सबने मैं बदल सा गया हुं।।
एक पल लगता सब सही हो गया, ना जाने दुजे पल सब फिर बदल जाता।। रुक रुक कर चलने की आदत भी हो गई, ना जाने फिर भी मन कंही क्यों लग नही पता।। बस अब लोग कहने लगे है मुझे मै बदल सा गया हुं, थोडा गुस्सैल और घमंडी ना बोलने वाला हो गया…
