एक धुंध की देरी दी आने की बस , हर कोई आंखों से ओझल गया।।
फिक्र नहीं कोई तुम्हारी ,ना वास्ता तुमसे मेरा।।
समझा समझा कर इसे मै, ना जाने कितना टूट गया हूं।।
फिक्र नहीं कोई तुम्हारी ,ना वास्ता तुमसे मेरा।।
समझा समझा कर इसे मै, ना जाने कितना टूट गया हूं।।
मेरी धड़कन मे बसी तुम वो साज बनके, जिसे गुनगुनाना मेरा अब धड़कन सा हो गया. कभी याद बनके तो कभी सवाल बनके. तुम्हें सुलझाना भी एक सवाल हो गया. जितना भी सुलझा रहा इसे यूँ इसे . उसे उतना ही उलझा हुआ मे पा रहा. मेरी धड़कन मे बसी तुम वो साज बनके, जिसे…
आसार मेरे ये तो ज़माने के लिए हैं, कुछ अल्फ़ाज़ उन्हें सुनाने के लिए हैं।। पलकों में जो भर लोगे इन्हें, तो काँटों-से चुभने लगेंगे। कुछ ख़्वाब तो सिर्फ़ आँखों में सजाने के लिए होते हैं।। हर दुआ मुकम्मल हो जाए, ये ज़रूरी तो नहीं। कुछ इंतज़ार सिर्फ़ सब्र सिखाने के लिए होते हैं।। अब…
ज़िंदगी ढूंढ ही लेगी, फिर से नया बहाना जीने का, ज़िंदगी बना ही लेगी फिर से नया ठिकाना रहने का।। वो जो आया था कुछ पल के लिए, अपनेपन का अहसास लिए।। कुछ खास सौगात लिए कुछ नये जज्बात लीये, मेरे दर्द को मिल बांट कर उसने कम करने का इरादा दिया, और साथी साथ…
ये इन्तजार भी बहुत दर्द देती हैं, ये हर सब्र को बस तोड़ देती हैं।। आसान नही होता यूं इन्तजार मे वक्त बिताना, बिना शिकायत के बस चुप हो किए जाना।। इन्तजार कभी तन्हा अकेला कर देती हैं।। जब पता हो की इन्तजार के बाद भी इन्तजार है, सच कहता हुं तब ये अंदर से…