हर रात मे कुछ पल चंदा चांदनी और तारो को देखू।
चंदा को देखू कभी तारो को देखू ,
चंदा को देखू कभी तारो को देखू ,
ऐसा नहीं है कि मैंने अब रोना छोड़ दिया है. दुखी अब भी होता हूँ बहुत पर बताना छोड़ दिया है. ऐसा नहीं मैंने सबके साथ रहना छोड़ दिया है, हाँ अकेला हूं बहुत इतने सारे अपनों के साथ, अब अपनों से कहना छोड़ दिया है ।। हाँ करता हूं मैं पहले जैसा ही प्यार…
जिंदगी साथ है हमारे कौन?? अजनबी शहर मे पुकारे कौन?? अब हवस है सभी की आँखों मे, चश्मे दिल से निहारें कौन?? चांद से भी हसीन है कोई, पूछने आए सितारे कौन?? वक्त के साथ हो लिए तुम भी., पूछते है कि अब हम तुम्हारे है कौन?? दुश्मनी खुद से हो गए अब तो ,…
जब खुद को चोट लगती हैं, तब अहसास दर्द का होता है।। कभी कोइ कितना रोया होगा, तब हमको पता लगता हैं।। चोट लगे कभी जब तब, पीछे मुड़ देखना।। किसी अपने को दी हुईं चोट का, जिक्र मन में तुम कर लेना।। तब करना एहसास उस पल तुम कहा खड़े थे, जब वो चोट…
एक पल में अपना बन कर लोग आते हैं। एक पल में पराया कर लोग चले जाते है। आते है जब हसीन दुनिया सी बना देते, और जाते हैं जब सब तबाह ये कर जाते है। एक पल में अपना बन कर लोग कुछ आते हैं। इक पल में ही पराया कर छोड़ चले जाते…
साथ रहना ही साथ नहीं होता. दिन भर बात करते रहना ही साथ नहीं होता. एक मेरी भी जिंदगी जो दूर है मजबूर है लकिन हर पल साथ है………….. माना कि अब वो नहीं दे पाते वक़्त पर कोई गिला नहीं, उनके हिस्से का वक़्त हम खुद को दे लेते हैं. हाँ दूर है पर…
एक दोस्त था मेरा, हाँ एक ही तो दोस्त था मेरा. जिससे हर दिल की हर बात करता था मैं , हाँ जिसे दिन रात परेशान करता था मैं . हाँ था तो वो दूर मुझसे, पर उसका साथ हर पल पास था मेरे. हर गम हर खुशी मे, उसका साथ था मेरे. हाँ एक दोस्त…