आज उनकी कुछ बात करते हैं
चलो आज उनकी बात करते हैं, हाँ हाँ मेरा मतलब आज भी उनकी बात करते हैं.
चलो आज उनकी बात करते हैं, हाँ हाँ मेरा मतलब आज भी उनकी बात करते हैं.
कसमकश ये कैसी ये कैसी है उदासी, दिल तो करता बहुत कुछ, पर हालातों की मायूसी। किस डगर किस राह को पकड़ ये जिंदगी बितायूं? किस तरह तुझे अपना हमसफर बनाऊं, यूं अभी तो साथ तेरा मुझे मिलना ये किस्मत पर छोड़ा, तू क़िस्मत से ही तो था मेरी जिंदगी में मुझसे था जुड़ा।। कसमकश ये…
आसान नहीं होता खुद से बांते करना, यूं हर एक बात मन में ख़ुद से ही करना।। अकेलेपन से गुजरने के बाद ये मुकाम हासिल होता। हर राह पे टूटने और छुटने के बाद ये होता।। हर एक उम्मीद जब बिखेरे तब ।। जब हर रात खुली आंखो से गुजरे।। जब बाते बहुत हो कहने…
तुम भी छोड़ गये………. अब किस किस बात पर करू यकीन, किस को कहूं की फिर से टूट गया, जो था मेरा अपना वो मुझसे छूट गया।। ना जाने क्यूं मेरे ही हिस्से मे ये आता, हर बार मैं ही खुद को अकेला हूं पाता।। तुम भी छोड़ गये….. अब भी मैं कैसे खुद को…
चहरे पे एक मुस्कान सी आ जाती है, तुम्हारे ऑनलाइन आने से. इस पागल की सारी खुशिया तुमसे है,-आधी तुम्हें मनाने से और आधी तुम्हें सताने से. जब तुम हस्ती हो तो, दिल मेरा चहक उठता, जब होती sad आप तो मन बस रोने को करता. नहीं लगता जी कहीं भी किसी भी बहाने से, …
तू वो सपना मेरा जिसकी चाहत मुझे हर नीद मे आती ।। तू वो ख्याल मेरा जिसकी याद हर ख्याल मे आती. वो मुस्कान तुम मेरी, जो हर ग़म भुला देती वो इबादत तू मेरी जो तुझमे रब से मिला देती. वो बारिश तू मेरी, हर आंसू को बहा देती. तुझ बिन जीना है ये…
ख़लिश दिल में दबी सी रह गई है। तेरे बिन इक कमी सी रह गई है। मिटाई याद तेरी ख़त […]