दो दिल तू मेरी जिन्दगी
साथ रहना ही साथ नहीं होता.
साथ रहना ही साथ नहीं होता.
मेरे रास्तो का रुख जो आज तेरी तरफ है, मेरे दिल की बैचैनी तबाह कर रहीं हैं मुझे. चाह कर भी मे तुम्हें समझा नहीं पाउंगा, मेरा जिक्र जो तुम्हें चुभता है आजकल…. मेरे कारण जो भी दिल को ठेस पहुंची है तुम्हारे, खुद को चाह कर भी माफ़ नहीं कर पाउंगा. दुआओं मे जो…
सीधा सा इंसान ना जाने क्यु प्यार किया मुझे उसने, खूबी ना हैसियत फिर भी सब वार दिया उसने. कभी सोचा नहीं थे वो सपने क्यु दिए मुझे, जो हो ना सकते थे पूरे वो वादे क्यु किए मुझे. कभी कोई आया ही नहीं था आप जैसा, अब यूँ बदल जाने पे जी सकू कैसे.?? …
मै अकेला मै अकेला, हो रहा हूं मैं अकेला. छूट रहे अब साथ सारे जिनका था कभी मेला. वक्त की मार ही ऐसी साथ छूटे वक्त के साथी. सन्ध्या का अब इंतजार होता बस मै अकेला मै अकेला . किस भ्रम में रखा था मैंने जीवन का ये खेला,… साथी साथ रहते हर दम वक्त…
प्रेम इबादत है, जिसे हो जाए उसे खुदा से मिला दे. प्रेम पारस है, जिसे छू ले उसे कुंदन कर दे. प्रेम सफर है, जिसे हो जाए उसे मुसाफिर कर दे. प्रेम तपस्या है, जिसे हो जाए उसे फकीर कर दे. प्रेम ग़ज़ब है, जिसे हो…
मेरा मन ! ये मन ! क्यु सुनता नहीं मेरी. कहता हूं इसको खुश हो जा. पर सुनता ही नहीं ……………! करता ये वही जो करना है इसको बीच भँवर मे फसा देता जिन्दगी मेरी लड़ता हूं इससे, झगड़ता हूं इससे…. पर यारो ये मन फिर भी सुनता ही नहीं …. छोड़ूं इसको इसके हाल…
क्यु दर्द की बात करे, क्यु ज़ज्बात के घाव करे हरे. मिली थी जिन्दगी उसे मेरे आने से पहले. तो उसकी जिन्दगी भी क्यु बर्बाद करे?? हाँ एक पल नहीं हर पल के साथ की चाह थी, सुख और दुख मिलके बताने और बांटने की आश थी. नहीं हो सका अगर ये मुमकिन तो, क्यु…