दो दिल तू मेरी जिन्दगी
साथ रहना ही साथ नहीं होता.
साथ रहना ही साथ नहीं होता.
मै अकेला मै अकेला, हो रहा हूं मैं अकेला. छूट रहे अब साथ सारे जिनका था कभी मेला. वक्त की मार ही ऐसी साथ छूटे वक्त के साथी. सन्ध्या का अब इंतजार होता बस मै अकेला मै अकेला . किस भ्रम में रखा था मैंने जीवन का ये खेला,… साथी साथ रहते हर दम वक्त…
सीधा सा इंसान ना जाने क्यु प्यार किया मुझे उसने, खूबी ना हैसियत फिर भी सब वार दिया उसने. कभी सोचा नहीं थे वो सपने क्यु दिए मुझे, जो हो ना सकते थे पूरे वो वादे क्यु किए मुझे. कभी कोई आया ही नहीं था आप जैसा, अब यूँ बदल जाने पे जी सकू कैसे.?? …
चंदा को देखू कभी तारो को देखू , मैं हर रात कुछ पल इन यारो को देखू।। होते है जब चंदा और चांदनी अलग , चन्दा चांदनी के मिलने—बिछुडने का, खुशी और दर्द का वो पल भी हां देखू।। मैं उस पल तारो का याराना भी देखू , जो संग चंदा के उस पल मे…
कुछ अनकहीं बाते.. ना वो कलम लिख पाई.. ना वो लफ़्ज़ मिल पाए.. सुकून तेरी वो मुस्कान से ही मिलता है.. दर्द आज भी तुझसे दूर रहने मे उठता है.. पता है वो मेरे लिखे खत तुझे न ला सकेंगे पर यादो में तो तुझे ही बस तुझे ही बसा सके.. तेरी तसवीर ही है…
चाहत ना रख कोई बात नहीं, रिश्ता ना रख कोई बात नहीं. पर जो था पहले कभी हम दोनों मे जो, उन याद को कैसे भुलाउ ये बता तो सही. तुम तो चली गए एक पल मे सब छोड़ कर, मैं भी तेरी तरह बेग़ैरत कैसे बनूँ ये सीखा तो सही. चल मान लिया तू…
सब भुल जाऊं तो जाऊं कहा, पलकों से अपने इस दर्द को छुपाऊं कहा।। आंखों मे आंसू तो छुपा लेता हूं दिन मे, पर ये रात को दर्द भुलाऊं तो भुलाऊं कहा।। काश की ये रात ना होती, ये अपनो की यादें ना होती।। दिन तो गुजार लेते खुद को मिटा कर, काश की रातों…