हर रात मे कुछ पल चंदा चांदनी और तारो को देखू।
चंदा को देखू कभी तारो को देखू , मैं हर रात कुछ पल इन यारो को देखू।। होते है जब चंदा और चांदनी अलग , चन्दा चांदनी के मिलने—बिछुडने का, खुशी और दर्द का वो पल भी हां देखू।। मैं उस पल तारो का याराना भी देखू , जो संग चंदा के उस पल मे…
