1593804199892934 0

Gulzar Poetry कुछ अह्सास गुलजार के कुछ हमारे.

दाद देते हैं तुम्हारे नजर अंदाज करने के हुनर को,
जिसने भी सिखाया उस्ताद कमाल का होगा.|
क्यु शर्मिंदा करते हो रोज यूँ हाल पूछकर,
हाल हमारा वहीं है जो तुमने बना रखा है.|
मिल गये होगी गज़ब की मजबूरी कोई,
वर्ना मेरा यार यूँ बदलने वाला ना था |
नींद भी नीलाम हो जाती है दिलों की महफिल मे,
किसी को भूलकर सो जाना इतना आसान नहीं होता.
यकीन  ना था यूँ बदल जाओगे तुम,
खुसी इस बात की है कि हम फिर गलत निकले |
किसी ने कहा था मोहब्बत फूल जैसे होती है,
कदम रुक गये मेरे जब बाजार मे फूल  बिकते दिखे |
याद नहीं है कि वो रूठा था या मैं रूठा था,
याद नहीं है कि वो रूठा था या मैं रूठा था।
लेकिन साथ हमारा जरा सी बात पर छूटा था।
अजीब खेल है इस मोहब्बत का,.
उसे वो ना मिला जो उसकी चाहत थी, 
हमको वो ना मिला जिसकी हमको चाहत थी.
गुलजार Poetry कुछ अह्सास गुलजार सहाब के कुछ हमारे……… 

Similar Posts

  • मैं वो अधूरी कहानी हूं…

      मैं वो कहानी हूं………….. किसी की अधूरी मोहब्बत और आंसुओं की जुबानी हूं, पूरी होते-होते रह गई, मैं वो अधूरी कहानी हूं..!! किस्से तो मेरे भी बहुत हुए इस अधूरी कहानी में, बस मशहूर ना हुए, मैं वो ख़ामोश कुर्बानी हूं।। बारिश तो बहुत तेज़ थी सफ़र में तूफ़ानों के साथ, हम फिर भी…

  • दो दिल तू मेरी जिन्दगी

    साथ रहना ही साथ नहीं होता.  दिन भर बात करते रहना ही साथ नहीं होता. एक मेरी भी जिंदगी जो दूर है मजबूर है  लकिन हर पल साथ है………….. माना कि अब वो नहीं दे पाते वक़्त  पर कोई गिला नहीं, उनके हिस्से का वक़्त हम खुद को दे लेते हैं.  हाँ दूर है पर…

  • ख्वाब की कहानी हकीकत बन गए

    एक रोज़ आया एक ख्वाब, दिल और रूह को मिला गया. जिसे ख्वाबों मे ही मिले थे, उससे किस्मत ने मिला दिया.  हो गए एक दूसरे के हमसफ़र, फिर ख्वाब ने हकीकत होना शुरू कर दिया. ना मंजिल  थी ना रास्ते थे,ना ही कोई बात,  बस दिल और रूह का एक सुकून था साथ. इस…

  • प्रेम क्या है????

    प्रेम इबादत है, जिसे हो जाए     उसे खुदा से मिला दे.  प्रेम पारस है, जिसे छू ले उसे       कुंदन कर दे. प्रेम सफर है, जिसे हो जाए     उसे मुसाफिर कर दे.  प्रेम तपस्या है, जिसे हो जाए      उसे फकीर कर दे.  प्रेम ग़ज़ब है, जिसे हो…

  • कुछ दर्द ज़रूरी होते हैं

    आसार मेरे ये तो ज़माने के लिए हैं, कुछ अल्फ़ाज़ उन्हें सुनाने के लिए हैं।। पलकों में जो भर लोगे इन्हें, तो काँटों-से चुभने लगेंगे। कुछ ख़्वाब तो सिर्फ़ आँखों में सजाने के लिए होते हैं।। हर दुआ मुकम्मल हो जाए, ये ज़रूरी तो नहीं। कुछ इंतज़ार सिर्फ़ सब्र सिखाने के लिए होते हैं।। अब…

  • साथ साथ चलते हैं ना

     वाज़िब सवाल तुम्हारा कल क्या होगा हमारा.??  तब तक जब तक जिंदगी है हमारी, साथ चले हस्ते हस्ते एक दूसरे की जीत हार हमारी.  जरूरी तो नहीं ना यार हर रिस्ता शादी से ही पूरा होता होता,कुछ रिस्त.अधूरे होकर भी पूरे रहते है ना .मुझे उस अधूरे रिश्ते मे रहने दो ना  जब तक साथ…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *