ना भुला ना दूर हूं एक बार आंखे बंद कर सोच तो सही,पास ही पाओगे जब भी सोचोगे मे मै रहू या ना रहूं।।
उदास ना हो खुश रहो,
उदास ना हो खुश रहो,
याद है वो हमें कुछ इस तरह से अब तलक, उससे दूर होकर खुद को भूला बैठे हैं हम ।। निगाहों में नहीं वो अब दिल में कहीं बसता है, किस अजनबी को ये अपना बना बैठे हैं हम जिसे ये सोचकर चाहा कि खुशी मिलेगी हमें , उसके गम को अब सीने से लगा…
मै अकेला मै अकेला, हो रहा हूं मैं अकेला. छूट रहे अब साथ सारे जिनका था कभी मेला. वक्त की मार ही ऐसी साथ छूटे वक्त के साथी. सन्ध्या का अब इंतजार होता बस मै अकेला मै अकेला . किस भ्रम में रखा था मैंने जीवन का ये खेला,… साथी साथ रहते हर दम वक्त…
क्या सोचते हैं लोग मुझे की मे संभल जाऊंगा, हर बार टूटूंगा और फिर उठ उठ जाऊंगा।। इंसानी रूह का बना है ये मन मेरा भी, खुदा नहीं की हर बार संभल जाऊंगा ।। पता नही हर बार मेरे अपने मुझ सीखा जाते, टूटना नही रूठना नही ये कह कर चले जाते।। एक पल मुझे…
आसान नहीं होता खुद से बांते करना, यूं हर एक बात मन में ख़ुद से ही करना।। अकेलेपन से गुजरने के बाद ये मुकाम हासिल होता। हर राह पे टूटने और छुटने के बाद ये होता।। हर एक उम्मीद जब बिखेरे तब ।। जब हर रात खुली आंखो से गुजरे।। जब बाते बहुत हो कहने…