क़िस्मत का मारा ऐसा ! हंसना छोड़ो कब खुल कर रो पाऊंगा।।
क्या सोचते हैं लोग मुझे की मे संभल जाऊंगा,
क्या सोचते हैं लोग मुझे की मे संभल जाऊंगा,
मै अकेला मै अकेला, हो रहा हूं मैं अकेला. छूट रहे अब साथ सारे जिनका था कभी मेला. वक्त की मार ही ऐसी साथ छूटे वक्त के साथी. सन्ध्या का अब इंतजार होता बस मै अकेला मै अकेला . किस भ्रम में रखा था मैंने जीवन का ये खेला,… साथी साथ रहते हर दम वक्त…
छोटे – छोटे लम्हे बड़ा ना सके हम, उन लम्हों को अपना बना ना सके हम। किसे कहे अपना तू साथी मेरा है, किसे कहे दोस्त तू यार मेरा है।। जैसे ही किसी को अपना समझते हम, उस पल से ही वो बदल जाते एकदम। मिले तो बहुत हमे अपना कहने वाले, पर किसी को…
ये तेरी यांदे मुझे उदास कर देती हैं, जितना भूले उतना याद ये देती है ।। क्या करे इन यादों का अब कुछ समझ आता , कोशिश करते हर रोज पर भूला नहीं जाता।। सब कर लिया हमने तुम्हे भूलने की खातिर, पर ये यादें तेरी यारा है बड़ी शातिर।। जब इनको मे तुझे भूलने…
उदास ना हो खुश रहो, मेरा जाना या आना हो या नहीं, उदासी से दूर रह जीयो खुशअंदाज, ये ही ख्वाइश तुम्हारे लिऐ हर पल मेरी ।। याद मे नही होते जो दिल मे बसते , उन्हे भूल जाना या दूर जाना मुमकिन नहीं ।। अब भी एक पल तुम्हारा , मेरा हर पल…
ऐसा नहीं है कि मैंने अब रोना छोड़ दिया है. दुखी अब भी होता हूँ बहुत पर बताना छोड़ दिया है. ऐसा नहीं मैंने सबके साथ रहना छोड़ दिया है, हाँ अकेला हूं बहुत इतने सारे अपनों के साथ, अब अपनों से कहना छोड़ दिया है ।। हाँ करता हूं मैं पहले जैसा ही प्यार…
सब खत्म नहीं होता, कोई जुदा नहीं होता।। छोड़ के चले जाने वाला, हर कोई बुरा नहीं होता।। बस कुछ बात मन जाती, किसी की बात ठन जाती।। किसी की मजबूरी कभी सजा दूरी ही बन जाती।। नही तो कौन शख्स इतना खुदगर्ज है होता, जिसे दिल से हो माना अपना वो जुदा नहीं होता ।।…