जब खुद को चोट लगती हैं, तब अहसास दर्द का होता है।।
जब खुद को चोट लगती हैं,
जब खुद को चोट लगती हैं,
मेरा आना किसी के लिऐ तबाही ले लायी, किसी के सालो के रिश्तों मे खटास मुझ कारण आई।। जिस दोस्त के साथ मिलने लगा था चैन सुख थोडा, उसी दोस्त के लिए मेरा आना सुनामी ले आई। चाह कर भी ये खुदा तुझसे फरियाद क्या करू, मेरी किस्मत मे तो खामोशी तूने ही तो लिखवाई…
नींदों में सपने सपनो में अपने , जरा तुम, संभल कर सपनों में आना।। देखे ना तुमको जो सोचे ना तुमको, फिर भी बिन बातो के याद आना तुम्हारा।। कैसे कहें ! कैसे रहे ? यादों को मुश्किल भुलाना बडा ।। ख़ामोश हम बिना कुछ कहें ज़रा सा हम अलग से हो…
ऐसा नहीं है कि मैंने अब रोना छोड़ दिया है. दुखी अब भी होता हूँ बहुत पर बताना छोड़ दिया है. ऐसा नहीं मैंने सबके साथ रहना छोड़ दिया है, हाँ अकेला हूं बहुत इतने सारे अपनों के साथ, अब अपनों से कहना छोड़ दिया है ।। हाँ करता हूं मैं पहले जैसा ही प्यार…
बिखरा सा हूँ अब बहुत, सायद अब समेटा ना जाऊँ. टूट गया हूं बहुत अब, शायद अब जोड़ा ना जाऊँ. गलने लगा हूं अब अंदर से, सायद ही फिर पनप पाऊँ. यारो तुम फिक्र ना करना अब, सायद ही अब शिकायत करने आऊँ. उजालों में अंधेरा सा लगता है अब,. शायद ही अंधेरों से निकल…
मेरी एक किताब खो गयी, जो थी मेरी सबसे अजीज वो किताब खो गयी। ढूँढा हर जगह उसे पर ना जाने वो कहा खो गयी. जिसे देख कर होती थी एक प्यारी सी सुबह मेरी, मेरी वो सुबह खो गयी. मेरी एक किताब खो गयी. कुछ पल दिल के ख्याल बया कर मीठी सी नींद…
ये इन्तजार भी बहुत दर्द देती हैं, ये हर सब्र को बस तोड़ देती हैं।। आसान नही होता यूं इन्तजार मे वक्त बिताना, बिना शिकायत के बस चुप हो किए जाना।। इन्तजार कभी तन्हा अकेला कर देती हैं।। जब पता हो की इन्तजार के बाद भी इन्तजार है, सच कहता हुं तब ये अंदर से…