कैसे खुद को अब समझाऊं कैसे.?
सीधा सा इंसान ना जाने क्यु प्यार किया मुझे उसने,
सीधा सा इंसान ना जाने क्यु प्यार किया मुझे उसने,
तेरे अह्सास से ही दिल खिल उठता, तेरे तस्वीर से ही मन ज़ी उठता ।। देखता हूं तुझे तो यूँ धड़कता है दिल, बस तुझे ही देखने को जी करता है।। खिलखिलाते तेरे इन लबों को छूने का दिल करता, तुझे सीने से लगाकर तेरी धड़कन को सुनने का दिल करता।। तेरे बालो को छुते…
ये फूलो की खुशबू , ये नदियों का चलना। ये सावन के मौसम मे बादल का डरना। ये बारिश की बूंदों का हल्का सहकना, बड़ा प्यारा लगता ये सावन का मचलना। ये हल्की सी धूप में सूरज का छुपाना, ये बादल का उससे मिलना बीछीडुना। बड़ा प्यारा लगता ये सूरज का बादल से छुपना, बड़ा…
मेरा मन ! ये मन ! क्यु सुनता नहीं मेरी. कहता हूं इसको खुश हो जा. पर सुनता ही नहीं ……………! करता ये वही जो करना है इसको बीच भँवर मे फसा देता जिन्दगी मेरी लड़ता हूं इससे, झगड़ता हूं इससे…. पर यारो ये मन फिर भी सुनता ही नहीं …. छोड़ूं इसको इसके हाल…
प्रेम इबादत है, जिसे हो जाए उसे खुदा से मिला दे. प्रेम पारस है, जिसे छू ले उसे कुंदन कर दे. प्रेम सफर है, जिसे हो जाए उसे मुसाफिर कर दे. प्रेम तपस्या है, जिसे हो जाए उसे फकीर कर दे. प्रेम ग़ज़ब है, जिसे हो…
क्यु दर्द की बात करे, क्यु ज़ज्बात के घाव करे हरे. मिली थी जिन्दगी उसे मेरे आने से पहले. तो उसकी जिन्दगी भी क्यु बर्बाद करे?? हाँ एक पल नहीं हर पल के साथ की चाह थी, सुख और दुख मिलके बताने और बांटने की आश थी. नहीं हो सका अगर ये मुमकिन तो, क्यु…
कुछ इस तरह से है तू मेरी जिन्दगी में शामिल है, हर खुशी तुझ से, हर रौनक भी तुझ से है शामिल. जिस तरह निभा रही है साथ तुम, हाँ ! जानता हूं ये बहुत मुस्किल है. बेहिसाब कोशिश किए जा रहे हो, ना जाने किस किस तरह से निभा रहे हो. अपनी परेशानियां कहीं…