वक़्त बे वक़्त तुझे याद करना
हाँ अच्छा नहीं मुझे पता है हर वक़्त बेवक्त तुझे याद करते रहना,आदत ये मेरी सही नहीं ये भी हाँ मुझे पता.
हाँ अच्छा नहीं मुझे पता है हर वक़्त बेवक्त तुझे याद करते रहना,आदत ये मेरी सही नहीं ये भी हाँ मुझे पता.
ऐसा नहीं है कि मैंने अब रोना छोड़ दिया है. दुखी अब भी होता हूँ बहुत पर बताना छोड़ दिया है. ऐसा नहीं मैंने सबके साथ रहना छोड़ दिया है, हाँ अकेला हूं बहुत इतने सारे अपनों के साथ, अब अपनों से कहना छोड़ दिया है ।। हाँ करता हूं मैं पहले जैसा ही प्यार…
तुम जो कहते हो चलो अब सब ठीक करते हैं, पुरानी सब बातों को भूल नई शुरुआत करते हैं. पर कैसे करू फिर से यकीन की फिर तुम वैसा ना करोगे.?????? जब मर्जी पास रहोगे, जब मर्जी दूर करोगे.??? जो बीते मेरे साल क्या उन्हें तुम वापस दिला पाओगे, हर रात मरा हूं क्या वो…
शिकायत ये रब तुझसे भी कितनी करू, करते करते ये उम्र बीत जानी है।। मिलूंगा जब तुमसे तेरे घर पर, रब सब बात तुम्हे बतलानी है।। क्यो इतना मेरी खुशियों से जलता है तू, ये बात तुमसे ही कहलवांनी है।। मिलूंगा जब तुमसे रब सब बात तुम्हे बतलानी है।। क्या रजा तेरी मेरी ज़िन्दगी को,…
आसार मेरे ये तो ज़माने के लिए हैं, कुछ अल्फ़ाज़ उन्हें सुनाने के लिए हैं।। पलकों में जो भर लोगे इन्हें, तो काँटों-से चुभने लगेंगे। कुछ ख़्वाब तो सिर्फ़ आँखों में सजाने के लिए होते हैं।। हर दुआ मुकम्मल हो जाए, ये ज़रूरी तो नहीं। कुछ इंतज़ार सिर्फ़ सब्र सिखाने के लिए होते हैं।। अब…
अब ये रात भी नहीं सो पाती है, मेरे हालत को देख मुझ पे तरस खाती है. करती है हर एक कोशिस सुबह तक मेरा साथ देने की. इसी जद्दोजहद मे अब ये रात भी नहीं सो पातीं है. तेरे हालत को देख मे ना देख पाऊँगी, कभी कुछ ऐसा कह जाती है. अब ये…
एक रोज़ आया एक ख्वाब, दिल और रूह को मिला गया. जिसे ख्वाबों मे ही मिले थे, उससे किस्मत ने मिला दिया. हो गए एक दूसरे के हमसफ़र, फिर ख्वाब ने हकीकत होना शुरू कर दिया. ना मंजिल थी ना रास्ते थे,ना ही कोई बात, बस दिल और रूह का एक सुकून था साथ. इस…
Well written