सब खत्म नहीं होता, कोई जुदा नहीं होता।। जो दिल से जुड़ जाता वो फिर गैर नही होता ।।
सब खत्म नहीं होता, कोई जुदा नहीं होता।। छोड़ के चले जाने वाला, हर कोई बुरा नहीं होता।। बस कुछ बात मन जाती, किसी की बात ठन जाती।। किसी की मजबूरी कभी सजा दूरी ही बन जाती।। नही तो कौन शख्स इतना खुदगर्ज है होता, जिसे दिल से हो माना अपना वो जुदा नहीं होता ।।…
