सुकून की तलाश है
जो साथ है उसकी कदर नहीं, जो दूर है उसकी तलाश चल रही. जिसे बनाया था अपना कभी, अब उसमे वो बात नहीं दिख रहीं. और जो अभी हुआ ही नहीं अपना, उसमें अब सब खूबी दिख रही. वाह रे इंसान प्यार बोलते हो तुम इसको, मुझे तो बस ये जिस्मों और वक़्त की भूख…
