आंखों मे आंसू तो छुपा लेता हूं दिन मे, पर ये रात को दर्द भुलाऊं तो भुलाऊं कहा।।
सब भुल जाऊं तो जाऊं कहा, पलकों से अपने इस दर्द को छुपाऊं कहा।। आंखों मे आंसू तो छुपा लेता हूं दिन मे, पर ये रात को दर्द भुलाऊं तो भुलाऊं कहा।। काश की ये रात ना होती, ये अपनो की यादें ना होती।। दिन तो गुजार लेते खुद को मिटा कर, काश की रातों…
