मिलूंगा जब तुमसे रब सब बात तुम्हे बतलानी है।।
शिकायत ये रब तुझसे भी कितनी करू,
शिकायत ये रब तुझसे भी कितनी करू,
अब ये रात भी नहीं सो पाती है, मेरे हालत को देख मुझ पे तरस खाती है. करती है हर एक कोशिस सुबह तक मेरा साथ देने की. इसी जद्दोजहद मे अब ये रात भी नहीं सो पातीं है. तेरे हालत को देख मे ना देख पाऊँगी, कभी कुछ ऐसा कह जाती है. अब ये…
सब खत्म नहीं होता, कोई जुदा नहीं होता।। छोड़ के चले जाने वाला, हर कोई बुरा नहीं होता।। बस कुछ बात मन जाती, किसी की बात ठन जाती।। किसी की मजबूरी कभी सजा दूरी ही बन जाती।। नही तो कौन शख्स इतना खुदगर्ज है होता, जिसे दिल से हो माना अपना वो जुदा नहीं होता ।।…
चाहत ना रख कोई बात नहीं, रिश्ता ना रख कोई बात नहीं. पर जो था पहले कभी हम दोनों मे जो, उन याद को कैसे भुलाउ ये बता तो सही. तुम तो चली गए एक पल मे सब छोड़ कर, मैं भी तेरी तरह बेग़ैरत कैसे बनूँ ये सीखा तो सही. चल मान लिया तू…
रात ढलते ही आज फिर से कलम उठा ली, कुछ लिखने के लिए सिरहाने मे रखी डायरी उठा ली, किस पर लिखू आज ये सोच ही रहा था ? ख्याल तो मन मे बहुत थे पर क्या लिखू बुझ नहीं रहा था। फिर अचानक अपनी डायरी-कलम को देखते ही, ख्याल एक आया साथी तुम अकेले…
मिले जो उनसे हमको एक अरसा हो गया, एजी देखें उनको हमे जमाना बीत गया। फिर भी ओ जानी तू क्यों भुला नहीं जाता, जख्म दिया तेरा हर एक भुलाया नहीं जाता।। अब तो मेरे तू ख्यालों से तो जा, आंखे जब करू बंद जानी अब सामने ना आ।। अब और क्या दूं तुझे सब…
अजीब सी हो गई ये जिन्दगी, ना ही इधर की ना ही उधर की. एक वो भी था जिसे चाहा था हमने, और जिसे सभी वक्त मे आगे रखा हमने. पर क्या पता था जिसे देंगे वो वक्त अपना, जो हमारी नींद का था……. आज वही हमको बोले प्यार नहीं मेरे दोस्त,. बस दोस्ती का रिश्ता…