आँखें बंद कर सोच तो सही
उदास ना हो, खुश रहा करो,
मेरा आना या जाना हो या नहीं।
उदासी से दूर रहकर जीना,
बस यही ख्वाहिश रही हर पल मेरी।।
यादों में नहीं होते वो,
जो दिल में बसते हैं।
उन्हें भुला देना या उनसे दूर हो जाना,
कभी मुमकिन नहीं होता।।
आज भी तुम्हारा एक पल,
मेरा हर पल गुज़ार देता है।
मेरे लिए तो इतना ही काफ़ी है,
जितना हूँ तेरे लिए… उतना ही सही हूँ।।
हालातों से तुम्हें यूँ परेशान करूँ,
ये मुझे कभी मंज़ूर नहीं।
कुछ सच छुपे रहें तो बेहतर है,
हर सच कहना भी ज़रूरी नहीं।।
अगर कभी आँखों से ओझल हो जाऊँ,
तो यूँ परेशान होना नहीं।
हालात बुरे ज़रूर हैं,
पर यकीन रखना… सब ठीक होगा, अभी नहीं।।
हो सकता है कुछ दिन या महीनों में,
वक़्त कुछ अनचाहा लिख दे।
पर उस डर से आज की मुस्कान,
कभी फीकी मत होने देना।।
ना भुला हूँ, ना दूर हूँ,
एक बार आँखें बंद कर सोच तो सही।
पास ही पाओगे मुझे,
मैं रहूँ… या ना रहूँ।।
~ MySoloWord ✍️
अल्फ़ाज़ ख़त्म हो सकते हैं,एहसास नहीं… 🖤
