मैं वो कहानी हुं ……….. किसी की अधूरी मोहब्बत और आंसुओ की जुबानी हूं, पुरी होते होते रह जो गई मैं वो अधूरी कहानी हूं..!!
मैं वो कहानी हूं …………..
मैं वो कहानी हूं …………..
बात नहीं कर पाते ज्यादा कोई शिकवा नहीं है. ज़ज्बात नहीं बता पाते कोई गिला नहीं है. | पर यार कभी कभी प्यार ज़ता दिया करो. पहले की तरह हक्क दिला दिया करो. | ये हक़ मुझसे मत लिया करो, ये हक़ मुझसे मत लिया करो लंबी बात ना कर सकते पता है यार, पर…
मेरा मन ! ये मन ! क्यु सुनता नहीं मेरी. कहता हूं इसको खुश हो जा. पर सुनता ही नहीं ……………! करता ये वही जो करना है इसको बीच भँवर मे फसा देता जिन्दगी मेरी लड़ता हूं इससे, झगड़ता हूं इससे…. पर यारो ये मन फिर भी सुनता ही नहीं …. छोड़ूं इसको इसके हाल…
क्यु दर्द की बात करे, क्यु ज़ज्बात के घाव करे हरे. मिली थी जिन्दगी उसे मेरे आने से पहले. तो उसकी जिन्दगी भी क्यु बर्बाद करे?? हाँ एक पल नहीं हर पल के साथ की चाह थी, सुख और दुख मिलके बताने और बांटने की आश थी. नहीं हो सका अगर ये मुमकिन तो, क्यु…
कहना तो बहुत कुछ चाहता हु तुझसे, पर कह कहा पाता हूं। सच तो है जीना है तेरे बगैर, पर एक पल भी कहा रह पाता हूं। कोशिश हर बार होती है तुझे भुलाने की, पर एक पल भी कहा भूला पाता हूं। कहना तो बहुत कुछ चाहता हु तुझसे, पर कह कहा पाता हूं………………..।…
कुछ इस तरह से है तू मेरी जिन्दगी में शामिल है, हर खुशी तुझ से, हर रौनक भी तुझ से है शामिल. जिस तरह निभा रही है साथ तुम, हाँ ! जानता हूं ये बहुत मुस्किल है. बेहिसाब कोशिश किए जा रहे हो, ना जाने किस किस तरह से निभा रहे हो. अपनी परेशानियां कहीं…
याद है वो हमें कुछ इस तरह से अब तलक, उससे दूर होकर खुद को भूला बैठे हैं हम ।। निगाहों में नहीं वो अब दिल में कहीं बसता है, किस अजनबी को ये अपना बना बैठे हैं हम जिसे ये सोचकर चाहा कि खुशी मिलेगी हमें , उसके गम को अब सीने से लगा…