रिश्तों की राख
गुम गए सब जिन्हें ढूंढ कर संभाला था, तिनका तिनका से बना आशियाना उजाड़ डाला। जितनी खुशी उस आशियाने के […]
गुम गए सब जिन्हें ढूंढ कर संभाला था, तिनका तिनका से बना आशियाना उजाड़ डाला। जितनी खुशी उस आशियाने के […]
जाने वो कैसी होगी उस पार की दुनियां, सतरंगी होगी अतरंगी होगी या होगी वो भी चाह की दुनियां।। जिंदा होंगे वहां भी लोग या खुद मे मर चुके होंगे, यहां के जैसे ही या चाहत के भूखे हुंगे।। बदलते रहते होंगे लोगों के हालात देखकर, या वहां दिल से साथ चलते हूंगे।। सुना है…
गम तो गम फिर भी जिए जाना है, हंस हंस कर हर किसी को दिखाना है।। बुरे हालात बुरे चहरे कहा किसी को रास आते, लोगों को चहरा रंग बदल कर दिखाना है।। पूछता है यहां हर कोई क्यू रिश्ते मे ये बता, रिश्तों को आजकल शक की निगाह से देखा जाता।। क्यों कोई जुड़े…
ये राखी फिर रुलायेगी, फिर मेरी याद लौट आयेगी।। जो दर्द हर दिन दबा रहता दिल मे, वो याद आंसू के रस्ते आयेगी।। ये राखी फिर रुलायेगी।।। याद आयेगा फिर से वो वादा मेरा, जो कर ना सका पूरा वो इरादा मेरा।। जिसकी हर मोड़ पर साथ देने का वादा मेरा, वो पूरा ना कर…
आसार मेरे ये तो ज़माने के लिए हैं, कुछ अल्फ़ाज़ उन्हें सुनाने के लिए हैं।। पलकों में जो भर लोगे इन्हें, तो काँटों-से चुभने लगेंगे। कुछ ख़्वाब तो सिर्फ़ आँखों में सजाने के लिए होते हैं।। हर दुआ मुकम्मल हो जाए, ये ज़रूरी तो नहीं। कुछ इंतज़ार सिर्फ़ सब्र सिखाने के लिए होते हैं।। अब…
तुम भी छोड़ गये………. अब किस किस बात पर करू यकीन, किस को कहूं की फिर से टूट गया, जो था मेरा अपना वो मुझसे छूट गया।। ना जाने क्यूं मेरे ही हिस्से मे ये आता, हर बार मैं ही खुद को अकेला हूं पाता।। तुम भी छोड़ गये….. अब भी मैं कैसे खुद को…
बहुत उदास है कोई तेरे चुप हो जाने से, हो सके तो बात कर किसी बहाने से. कैसे भी कर जैसे भी कर ये तुझ पे छोड़ा, खामोशी से तेरी अब चैन भी नहीं थोड़ा, वापस आ कर फिर से बात कर ले, थोडा ही सही पर तू हामी भर दे।। तेरा चुप हो जाना…
जब खुद को चोट लगती हैं, तब अहसास दर्द का होता है।। कभी कोइ कितना रोया होगा, तब हमको पता लगता हैं।। चोट लगे कभी जब तब, पीछे मुड़ देखना।। किसी अपने को दी हुईं चोट का, जिक्र मन में तुम कर लेना।। तब करना एहसास उस पल तुम कहा खड़े थे, जब वो चोट…
ये इन्तजार भी बहुत दर्द देती हैं, ये हर सब्र को बस तोड़ देती हैं।। आसान नही होता यूं इन्तजार मे वक्त बिताना, बिना शिकायत के बस चुप हो किए जाना।। इन्तजार कभी तन्हा अकेला कर देती हैं।। जब पता हो की इन्तजार के बाद भी इन्तजार है, सच कहता हुं तब ये अंदर से…
शिकायत ये रब तुझसे भी कितनी करू, करते करते ये उम्र बीत जानी है।। मिलूंगा जब तुमसे तेरे घर पर, रब सब बात तुम्हे बतलानी है।। क्यो इतना मेरी खुशियों से जलता है तू, ये बात तुमसे ही कहलवांनी है।। मिलूंगा जब तुमसे रब सब बात तुम्हे बतलानी है।। क्या रजा तेरी मेरी ज़िन्दगी को,…